Bihar News : बिहार में आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले में किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जांच एजेंसी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जो राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों में फैली उनकी संपत्तियों और निवेश की परतें खोलने में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ईओयू को प्रारंभिक जांच में ही यह संकेत मिल गए थे कि गौतम कुमार ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है और इनमें से कई संपत्तियां बेनामी हैं। यही वजह है कि जांच को व्यापक दायरे में फैलाया गया है। बताया जा रहा है कि नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी उनकी संपत्तियों के सुराग मिले हैं, जिसके बाद ईओयू मुख्यालय ने वहां के स्थानीय प्रशासन और पुलिस से संपर्क साधा है।
जांच के पहले चरण में एक टीम को किशनगंज और पूर्णिया में तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी के नेतृत्व में यह टीम पिछले छह दिनों से लगातार कैंप कर रही है और एसडीपीओ से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। यह टीम संबंधित सरकारी कार्यालयों, रजिस्ट्रार और अन्य संस्थानों से जानकारी जुटाकर हर तथ्य को क्रॉस-चेक कर रही है। खास बात यह है कि 31 मई को हुई छापेमारी के बाद से जांच और तेज हो गई है और हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
दूसरी टीम को अररिया, मुंगेर और पटना में भेजा गया है। यहां भी गौतम कुमार के नाम या उनके करीबियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की जांच की जा रही है। वहीं तीसरी टीम को जल्द ही दिल्ली भेजा जाएगा, जहां गुरुग्राम और नोएडा तक फैले उनके संभावित निवेश और प्रॉपर्टी की जांच की जाएगी। इस बीच खबर है कि एसडीपीओ गौतम कुमार को ईओयू के सामने पेश होने के लिए कहा गया है और वे जल्द ही पूछताछ में शामिल हो सकते हैं।
जांच के दौरान ईओयू को कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जो इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, गौतम कुमार के कई कथित माफिया और सफेदपोश लोगों से संबंध होने के संकेत मिले हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में यह सामने आया है कि उनके मोबाइल नंबर से कुछ विशेष नंबरों पर दिन भर में 50 से अधिक बार कॉल किए गए। इन कॉल्स के पीछे के नेटवर्क और संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि एसडीपीओ ने कई संपत्तियां अपने नाम पर नहीं, बल्कि दूसरों के नाम पर खरीदी हैं। इनमें उनके परिचितों, परिवार के सदस्यों और यहां तक कि घरेलू सहयोगियों के नाम का भी इस्तेमाल किया गया है। एक महिला मित्र शगुफ्ता के नाम पर सात भूखंड खरीदे जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच जारी है।
ईओयू अब उन सभी लोगों की भी पड़ताल करने की तैयारी में है, जिनके नाम पर या जिनकी मदद से ये संपत्तियां खरीदी गईं। अगर जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो गौतम कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
हालांकि पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव के कारण वहां से जुड़ी जानकारी जुटाने में थोड़ी दिक्कत आ रही है, लेकिन ईओयू का कहना है कि जल्द ही सभी पहलुओं की जांच पूरी कर ली जाएगी। फिलहाल यह मामला बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।






