Bihar School News: बिहार सरकार ने राज्य के 71,297 प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले 1.33 करोड़ बच्चों की वार्षिक परीक्षा प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। C, D और E ग्रेड वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि उनका प्रदर्शन सुधार कर उन्हें A और B ग्रेड में लाया जा सके।
नई व्यवस्था नए चालू शैक्षणिक सत्र से सभी प्रारंभिक विद्यालयों में लागू होगी। फिलहाल यह प्रणाली केवल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में लागू है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के बाद बिहार में स्कूली शिक्षा बड़े सुधार के दौर से गुजर रही है और कक्षाओं में पढ़ाई तथा मूल्यांकन में बच्चों के बीच बढ़ती असमानता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है।
ग्रेडिंग की प्रक्रिया:
81-100% अंक: A ग्रेड
61-80% अंक: B ग्रेड
41-60% अंक: C ग्रेड
33-40% अंक: D ग्रेड
0-32% अंक: E ग्रेड
इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को कार्य योजना बनाने और इसे नए सत्र से लागू कराने का निर्देश दिया है। ग्रेडिंग की विस्तृत कार्य योजना प्रत्येक विद्यालय को अप्रैल में सौंप दी जाएगी। भविष्य में इसी तरह की ग्रेडिंग माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू करने का प्रस्ताव है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के प्रदर्शन के अनुसार उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना और सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।




