Bihar News: एनडीए सरकार के एक बार फिर सत्ता में आने के बाद से बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रही है। ऐसे में नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत अब अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य स्तर पर 1600 से अधिक अपराधियों की पहचान की गई है। इन अपराधियों में बालू, जमीन और शराब माफिया प्रमुख हैं। वैशाली जिले में अब इसी अभियान के तहत पुलिस ने 26 माफियाओं की सूची तैयार की है, जिनकी संपत्तियां कोर्ट की अनुमति से जब्त की जाएंगी।
वैशाली पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के विभिन्न थानों में खनन और अन्य आपराधिक मामलों में नामजद 26 अपराधियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 9 माफियाओं का प्रस्ताव न्यायालय को भेज दिया गया है, जबकि गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के एक अपराधी की संपत्ति पहले ही जब्त कर ली गई है। प्रभारी एसपी अशोक मिश्रा ने इस बारे में बात करते हुए बताया है कि ये सभी अपराधी विभिन्न धाराओं में लंबित मामलों में आरोपी हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को अन्य संदिग्धों की जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं, उन लोगों की विशेष रूप से जिनकी आय से अधिक संपत्ति पाई गई है।
BNS के धारा 107 के तहत पेशेवर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान प्रभावी हो चुका है, यह पुराने कानूनों से अधिक सख्त है। राज्य पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार आगे वैशाली सहित अन्य जिलों में भी ऐसे अभियान को विस्तार दिया जाएगा। इससे अपराधियों का आर्थिक साम्राज्य ध्वस्त होगा और भविष्य में अपराध की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।
यह कार्रवाई बिहार में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्रवाइयां कोर्ट की निगरानी में होंगी ताकि निर्दोष प्रभावित न हों। जिले के निवासियों से अपील की गई है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, जिससे इस जारी अभियान को और भी प्रभावी बनाया जा सके।






