Bihar News: बिहार के गरीब परिवारों में शादी के दौरान सिर पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने का जिम्मा अब नीतीश सरकार ने उठा लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी “कन्या विवाह मंडप योजना” के तहत अब राज्य की हर ग्राम पंचायत में एक-एक आधुनिक विवाह मंडप बनाया जाएगा। कुल 8,053 पंचायतों में बनने वाले इन मंडपों पर सरकार 40,265 करोड़ रुपये खर्च करेगी। प्रत्येक मंडप की लागत 50 लाख रुपये होगी। इनमें हॉल, किचन, शौचालय, बाउंड्रीवॉल और लाइटिंग की सुविधा रहेगी। योजना का मकसद यह है कि गांव की बेटी की शादी भी शहरों की तरह मैरिज हॉल में सम्मान और गरिमा के साथ हो, ताकि गरीब परिवार को टेंट-कुर्सी का इंतजाम न करना पड़े और अतिरिक्त बोझ उन पर न पड़े।
पंचायती राज विभाग ने यह काम शुरू कर दिया है। ऐसे में पूर्णिया जिले में पहले चरण में 26 पंचायतों में मंडप निर्माण शुरू होगा, जिनके लिए 5-5 लाख रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी मुखियाओं-सरपंचों से बैठक कर विवाद-मुक्त सरकारी या दान की गई जमीन चिन्हित करने को कहा है। अंचलाधिकारी भूमि का स्थलीय सत्यापन करेंगे, फिर जाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। कसबा, बायसी, अमौर, धमदाहा जैसे प्रखंडों की 31 पंचायतों में काम सबसे पहले होगा। पूरी योजना दो-तीन चरणों में पूरी की जाएगी।
बताते चलें कि यह योजना सिर्फ शादी-विवाह तक ही सीमित नहीं रहेगी। मंडप का इस्तेमाल सामुदायिक भोज, सरकारी कार्यक्रम, प्रशिक्षण और आपदा राहत शिविर के लिए भी होगा। गरीब परिवारों को मंडप मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे एक तरफ शादी का खर्च 50-60 हजार रुपये तक कम होगा, वहीं गांव में स्थायी संपत्ति भी बनेगी।
बिहार सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट देगा। निर्माण में स्थानीय मजदूरों को काम मिलेगा, सामग्री की खरीद से छोटे व्यापारियों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे बेटी की शादी को सम्मानजनक बनाने की योजना बताया है। योजना पूरी होने पर बिहार देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां हर पंचायत में सरकारी मैरिज हॉल होगा।






