Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले ही पुलिस ने साफ कर दिया है कि आचार संहिता तोड़ने वालों की अब खैर नहीं। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश भेजा है कि 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान खत्म होते ही सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज हो। अब तक 430 से ज्यादा आचार संहिता उल्लंघन के मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें फेसबुक, एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक कंटेंट सबसे ज्यादा है।
आर्थिक अपराध इकाई के साइबर सेल ने 150 सोशल मीडिया हैंडल की लिस्ट भी तैयार कर ली है। ये प्रोफाइल चुनाव के दौरान लगातार फेक न्यूज, जातीय उकसावा और डीपफेक वीडियो शेयर कर रहे थे। EOU के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने बताया कि AI डेस्क ने दो दर्जन से ज्यादा डीपफेक वीडियो पकड़े हैं। इनके लिंक प्लेटफॉर्म से हटवाए गए हैं। अब पोस्ट करने वालों के घर छापेमारी होगी और गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में चार्जशीट 15 दिन में दाखिल की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने 184 आपत्तिजनक पोस्ट हटवाए हैं। इनमें राजद, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े हैंडल भी शामिल हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी पार्टियों को चेतावनी दी गई थी कि AI से बनी सामग्री पर “AI Generated” लेबल लगाना जरूरी है। उल्लंघन करने वालों पर IT एक्ट, RPC और आचार संहिता की धाराएं लगेंगी। ADG नैयर हसनैन खान ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति है। ट्रायल तेजी से चलेगा ताकि दोषी जल्द सजा पाएं।
आर्म्स एक्ट के मामलों में भी स्पीडी ट्रायल का प्लान है। चुनाव के दौरान 850 अवैध हथियार और 4000 कारतूस बरामद हुए थे। इनकेस की फाइल कोर्ट भेजी जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा भड़काने वालों को कोई राहत नहीं मिलेगी। सभी जिलों में विशेष टीम गठित हो चुकी है। मतगणना के दिन अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी।
बिहार पुलिस की यह सख्ती चुनाव को निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आम लोग भी cVIGIL ऐप से इससे जुड़ी शिकायत कर सकते हैं। पुलिस ने अपील की है कि अफवाह न फैलाएं। जो फैलाएगा, उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। चुनाव खत्म होने के बाद भी सभी नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।






