Bihar News: बिहार सरकार ने एक झटके में बिहार प्रशासनिक सेवा के 17 अधिकारियों को क्लीनचिट दे दिया है. सभी के खिलाफ शिकायती फाइल को बंद कर दिया गया है. इन अधिकारियों के खिलाफ वर्ष 2012 और 2013 में विभिन्न आरोपों में शिकायत दर्ज कराई गई थी. सामान्य प्रशासन विभाग ने 12-13 वर्षों बाद एक साथ 17 अफसरों की फाइल को बंद कर दिया है.
विधायक से लेकर अन्य लोगों ने दर्ज कराई थी शिकायत
सामान्य प्रशासन विभाग के 17 अक्टूबर के पत्र में कहा गया है कि इन सभी अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोप से संबंधित परिवार को संचिकास्त किया जाता है. इसके अलग-अलग कारण बताये गए हैं. जिन अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोप से संबंधित फाइल को संचिकास्त किया गया है उनमें बियाडा के तत्कालीन सचिव गिरीश कुमार, शेखपुरा के तत्कालीन एसडीओ मंजूर अली.इनके खिलाफ एक शिकायत वाली फाइल को संचिकास्त किया गया है.
वर्ष 2012 में पटना सदर के तत्कालीन एसडीओ के खिलाफ शिकायत वाली फाइल भी खत्म की गई है. कटिहार के तत्कालीन एसडीओ मनोज कुमार सिन्हा, 2012 में बायसी के एसडीओ, मनोज कुमार तत्कालीन एसडीओ रजौली, तत्कालीन एसडीओ सोनपुर (2012) तत्कालीन नजारत उप समाहर्ता (2012), तत्कालीन एसडीओ फारसिबस गंज (2012), तत्कालीन एसडीओ (2012) जितेन्द्र प्रसाद साह तत्कालीन एसडीओ रक्सौल, शिवहर के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण मोहन पासवान, कटिहार के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार, खगड़िया के तत्कालीन डीटीओ मनोज कुमार के खिलाफ खगड़िया की तत्कालीन विधायक पूनम देवी यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले को भी संचिकास्त किया गया है. पालीगंज के तत्कालीन एसडीओ(2013) और पश्चिम चंपारण के गौनाहा अंचल के तत्कालीन सीओ प्रमोद कुमार को क्लिनचिट मिल गई है.





