PATNA: बिहार में अब जुगाड़ गाड़ी नहीं चलेगी, सरकार अब ऐसी गाड़ियों पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। इन गाड़ियों का इस्तेमाल कमर्शियल हो रहा है वह भी बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चलाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पटना हाई कोर्ट ने जुगाड़ गाड़ियों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को इसे लेकर जरूरी निर्देश जारी किया है। कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए सभी डीटीओ को अपने-अपने जिले में अभियान चलाने को कहा गया है। जो व्यक्ति इन जुगाड़ गाड़ी को शहर या गांव में चला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
क्या है जुगाड़ गाड़ी?
दरअसल, डीजल पंप सेट या बाइक या फिर स्कूटर का इंजन इसमें लगाया जाता है। मोटर साइकिल हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा-ठेले की बॉडी को जोड़कर जुगाड़ गाड़ी को बनाया जाता है। जिसका उपयोग लोग माल ढोने में करने करते हैं। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि इन जुगाड़ गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होता है। ये बिना रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर फर्राटा मारते हैं।
जुगाड़ गाड़ी का नहीं होता कोई कागज
जुगाड़ गाड़ियों को जो लोग चलाते हैं उनके पास ना तो परमिट होता है, ना बीमा, फिटनेस, लाइसेंस या प्रदूषण का प्रमाण पत्र भी नहीं होता है। यदि इस जुगाड़ गाड़ी से किसी की मौत होती है तो मृतक के परिजन को मुआवजा भी नहीं मिल पाता है क्योंकि इस गाड़ी का इंश्योरेंस तक नहीं रहता है। यह प्रदूषण भी बहुत फैलाता है। आज बिहार में जुगाड़ गाड़ी चलाने वाले लोग खुल्लेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
दंडनीय अपराध होगा जुगाड़ गाड़ी चलाना
इस गाड़ी को चलाना अब दंडनीय अपराध होगा। पकड़े जाने पर जुगाड़ गाड़ी तो जब्त होगी ही साथ ही आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाएगा। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने जुगाड़ गाड़ी बंद होने से प्रभावित लोगों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीम की जानकारी दी।
जुगाड़ गाड़ी छोड़िये नई गाड़ी खरीदिए, सरकार करेगी मदद
श्रवण कुमार ने कहा कि जुगाड़ गाड़ी को छोड़ लोग नई गाड़ी खरीदें। मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना और ग्राम परिवहन योजना के तहत नई गाड़ियां खरीदी जा सकती है। नई गाड़ी खरीदने के लिए सरकार सब्सीडी दे रही है। उन्होंने जुगाड़ गाड़ी चलाने वाले लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही। कहा कि सरकार हर कदम पर आपके साथ है।

