ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंडपिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक मुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंडपिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक

Bihar Ips Officers : दोषी पाए गए IPS अधिकारी, SDPO रहते केस के सुपरविजन में की थी गड़बड़ी...अब मिली यह सजा

Bihar IPS Officers News: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के SP एवं दाउदनगर के तत्कालीन SDPO सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ त्रुटिपूर्ण पर्यवेक्षण के एक आरोप के प्रमाणित होने पर गृह विभाग ने वेतनमान में एक स्तर की कटौती का दंड तय किया है.

Bihar IPS Officers News, Subodh Kumar Vishwas IPS, Vigilance Investigation Bureau Bihar, Daudnagar SDPO Case, Obra Police Station Case 119/2009, Bihar Home Department Order, IPS Disciplinary Action Bi
© Google
Viveka Nand
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Bihar Ips Officers News: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के एक एसपी को सरकार ने दंड दिया है. इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से संकल्प जारी की गई है. औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडल के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ ओबरा थाना कांड संख्या- 119/ 2009 में त्रुटि पूर्ण पर्यवेक्षण करने के आरोप थे. इनके खिलाफ 16 सितंबर 2021 को विभागीय कार्यवाही चलने का निर्णय लिया गया था .

आरोप को लेकर सुबोध कुमार विश्वास ने 29 नवंबर 2021 को अपना बचाव बयान समर्पित किया. समीक्षा के बाद जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया .इसके बाद जांच प्राधिकार की नियुक्ति की गई. 27 जनवरी 2022 को इनके खिलाफ मुख्य जांच आयुक्त को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया. सुनवाई के दौरान आईपीएस सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ चार आरोपों में तीन अप्रमाणित पाए गए, जबकि एक आरोप प्रमाणित पाया गया.

दाउदनगर के तत्कालीन एसडीपीओ सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ चार में एक आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श मांगा गया. संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श के बाद सुबोध कुमार विश्वास के खिलाफ दंड का निर्धारण किया गया है. गृह विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 तक वेतन के समय- मान में एक स्तर की कटौती, बिना संचई प्रभाव के तथा उनकी पेंशन पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, का दंड निर्धारित किया गया है.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें