ब्रेकिंग
BHU में जाति पूछकर ब्राह्मण छात्र को मारा थप्पड़, सपा नेता हिमांशु यादव ने पूछा..कौन कास्ट बा फर्जी GST अधिकारी बनकर 26 लाख की लूट, फिल्मी अंदाज में दिया घटना को अंजाम Bihar News: किनके इशारे पर CO ने किया है हड़ताल...किसका है दबाव ? हाईलेवल जांच के आदेश, ट्रेनी राजस्व अधिकारियों की बर्खास्तगी को हरी झंडीभ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: घूस लेते पकड़े गए SI सदरे आलम सेवा से बर्खास्तबिहार पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड, वीरता और उत्कृष्ट सेवा का सर्वोच्च गौरव; सिर्फ एक बार मिलता है ‘निशान’BHU में जाति पूछकर ब्राह्मण छात्र को मारा थप्पड़, सपा नेता हिमांशु यादव ने पूछा..कौन कास्ट बा फर्जी GST अधिकारी बनकर 26 लाख की लूट, फिल्मी अंदाज में दिया घटना को अंजाम Bihar News: किनके इशारे पर CO ने किया है हड़ताल...किसका है दबाव ? हाईलेवल जांच के आदेश, ट्रेनी राजस्व अधिकारियों की बर्खास्तगी को हरी झंडीभ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई: घूस लेते पकड़े गए SI सदरे आलम सेवा से बर्खास्तबिहार पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड, वीरता और उत्कृष्ट सेवा का सर्वोच्च गौरव; सिर्फ एक बार मिलता है ‘निशान’

Bihar Government : अब बिहार के सभी सरकारी अस्पताल होंगे डिजिटल, पंजीकरण से दवा तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन; लंबी कतारों से मिलेगी राहत

बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। पीओएस मशीन से पंजीकरण, ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन और टोकन सिस्टम से मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

Bihar Government : अब बिहार के सभी सरकारी अस्पताल होंगे डिजिटल, पंजीकरण से दवा तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन; लंबी कतारों से मिलेगी राहत
TejpratapTejpratap|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Bihar Government : बिहार के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार और अव्यवस्था पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रजिस्ट्रेशन और इलाज की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण से लेकर चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों को तेज और पारदर्शी सेवा मिल सके।


नई प्रणाली के अंतर्गत अस्पतालों में पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा। निबंधन काउंटर पर अब हस्तलिखित पुर्जे की जगह पीओएस मशीन से प्रिंटेड स्लिप दी जाएगी। इस स्लिप पर पंजीकरण संख्या, संबंधित चिकित्सक का नाम, कक्ष संख्या और अन्य आवश्यक जानकारी अंकित रहेगी। इससे पंजीकरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और पुर्जे की गलतियों या गुम होने की समस्या खत्म होगी।


पंजीकरण के बाद मरीज को वाइटल जांच काउंटर पर भेजा जाएगा, जहां रक्तचाप, नाड़ी, तापमान और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य मापदंडों की जांच कर डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद मरीज संबंधित चिकित्सक के कक्ष में परामर्श के लिए पहुंचेगा। चिकित्सक द्वारा जांच और परामर्श के बाद दवा और इलाज से संबंधित सभी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इससे हस्तलिखित पर्ची की जरूरत समाप्त हो जाएगी और मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध रहेगा।


डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवा काउंटर से मरीजों को दवाएं वितरित की जाएंगी। दवा वितरण की पूरी प्रक्रिया भी सिस्टम में दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और स्टॉक प्रबंधन में भी सुधार होगा। इस एकीकृत व्यवस्था के जरिए रजिस्ट्रेशन, जांच, परामर्श और दवा वितरण की प्रक्रिया को एक ही डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा।


राज्य के कई प्रमुख अस्पतालों में पहले से डिजिटल टोकन डिस्प्ले सिस्टम की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन अब तक इसे पूर्ण रूप से प्रभावी नहीं बनाया जा सका था। अब पीओएस मशीन और डिजिटल पोर्टल को टोकन सिस्टम से जोड़कर इसे सक्रिय किया जाएगा। टोकन नंबर के अनुसार मरीजों को क्रमवार बुलाया जाएगा, जिससे चिकित्सक कक्षों के बाहर भीड़ कम होगी और धक्का-मुक्की जैसी स्थितियों से राहत मिलेगी।


स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से न केवल मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी, बल्कि अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। मरीजों का डेटा सुरक्षित रहेगा और भविष्य में इलाज के दौरान पूर्व रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही प्रशासन को भी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की निगरानी करने में आसानी होगी।


कुल मिलाकर, बिहार के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। यह पहल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें