1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 22, 2026, 8:54:15 AM
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Bihar Crime News : बिहार में 25 करोड़ रुपये के चर्चित स्मैक कांड में फरार चल रहे मुख्य मास्टरमाइंड और बिहार पुलिस के सिपाही ऋषिकेश क्रांतिकारक उर्फ अनीश को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरारी काट रहे आरोपी को विशेष टीम ने झारखंड की राजधानी रांची से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
नालंदा जिले के दीपनगर नगवां का रहने वाला ऋषिकेश क्रांतिकारक लंबे समय से पुलिस की नजर में था। जांच में सामने आया है कि उसने स्मैक तस्करी के जरिए करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की। राजगीर में उसका एक आलीशान बंगला भी मिला है, जिसे लेकर पुलिस अब संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की काली कमाई और बैंक खातों की भी गहराई से जांच की जाएगी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। लेकिन ड्रग्स कारोबार से होने वाली मोटी कमाई के कारण उसने नौकरी को ही नजरअंदाज कर दिया। वर्ष 2025 में गया से उसका ट्रांसफर भागलपुर किया गया था, मगर उसने वहां योगदान ही नहीं दिया और फरार हो गया। इसके बाद विभागीय स्तर पर भी उसकी गतिविधियों को लेकर संदेह गहराने लगा था।
यह पूरा मामला पटना के आलमगंज थाना कांड संख्या 294/26 से जुड़ा हुआ है। पुलिस पहले ही इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में समस्तीपुर निवासी जितेंद्र कुमार और जहानाबाद निवासी नीतीश कुमार शामिल हैं। दोनों को भारी मात्रा में स्मैक के साथ पकड़ा गया था। इसके अलावा पटनदेवी इलाके के राहुल यादव समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऋषिकेश बेहद शातिर तरीके से अपना ठिकाना बदलता रहता था। इसी वजह से वह लंबे समय तक पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर रांची में उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पटना के आलमगंज और रामकृष्ण नगर स्थित उसके ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। वहां से बैंक दस्तावेज, चेकबुक, मोबाइल रिकॉर्ड और कई सर्विस से जुड़े कागजात बरामद किए गए। इन दस्तावेजों से यह साफ हो गया कि आरोपी सीधे तौर पर स्मैक तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
अब पुलिस इस पूरे ड्रग्स सिंडिकेट के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालने में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार बिहार के कई जिलों के अलावा दूसरे राज्यों तक फैले हो सकते हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि सप्लाई चेन, फाइनेंसिंग नेटवर्क और ड्रग्स खरीदने वाले बड़े ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।
पटना पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर एक पुलिसकर्मी किस तरह ड्रग्स तस्करी के इतने बड़े रैकेट का सरगना बन गया। वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।