बिहार समाचार: छठ पर्व के अवसर पर बिहार सरकार ने सुरक्षा और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के संग्रहालयों को निर्देश दिया है कि छठ घाटों पर कार्बाइड गन और किसी भी प्रकार के स्मारकों के उपयोग, बिक्री या भंडार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। विभाग ने साफ किया है कि इसके इस्तेमाल से सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि बच्चों की आंखों को भी गंभीर खतरा पैदा होता है।
मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में जिला मिस्त्री को निर्देश दिया गया है कि कार्बाइड गन से संबंधित सभी वितरकों को तुरंत बुलाया जाए और इसके बारे में आम जनता से व्यापक रूप से बातचीत की जाए। इसके साथ ही छठ पर्व के दौरान घाटों पर भीड़-प्रबंधन और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए गए। सरकार ने पुलिस और सशस्त्र बल के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे छठ पर्व के आयोजन में सुरक्षित और टिकाऊ मुक्त मत्रा में शामिल हों।
साथ ही, सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे प्राकृतिक जल की सफाई करें और घाटों के आसपास कचरा न फैलाएं। पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल रूढ़िवादी पारंपरिक का उपयोग करें और इलेक्ट्रॉनिक या विध्वंसक से सलाह लें। छठ पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता, पारिवारिक मेलजोल और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि यह पवित्र अवसर सूर्य की सेवा कर आरामदायक माहौल में बनाया जाए।




