Bihar Bhumi Survey: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान, पटना में आयोजित भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी डीसीएलआर से अपेक्षा जताई कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए अनुभवों को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर राजस्व से संबंधित सभी सेवाओं को और अधिक प्रभावी, समयबद्ध और पारदर्शी बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि दो दिनों तक राजस्व क्षेत्रों के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी का प्रत्यक्ष लाभ तभी संभव है जब आमजन को समय पर और सटीक राजस्व सेवा मिले। यह प्रशिक्षण उसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में रिव्यू मीटिंग कर आप सभी के कार्यों का पुनः आकलन किया जाएगा।
विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह ने सत्र में अपने अनुभव साझा करते हुए व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि विभाग के वास्तविक प्रतिनिधि आप सभी ही हैं। पूरे अनुमंडल क्षेत्र की कार्यप्रणाली आपके प्रदर्शन से प्रदर्शित होती है। इसलिए राजस्व कार्यों में दक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। विभाग द्वारा इतने बड़े पैमाने पर आयोजन आमजनों को राजस्व के कार्यों में हो रही परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से ही किया गया है। आपका दायित्व क्षेत्र में रैयतों के कार्य को आसान बनाना है।
प्रशिक्षण सत्र में सेवानिवृत अपर सचिव विनोद कुमार झा ने दाखिल–खारिज, बीएलडीआर एक्ट एवं रुल पर विस्तृत जानकारी देते हुए सुनवाई और निष्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान रेवेन्यू कोर्ट के कार्य, सैरात बंदोबस्ती, भूमि बंदोबस्ती नियमावली पर भी विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान भूमि सुधार उपसमाहर्ता ने अपने डाउट्स भी क्लियर किया। अंत में प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण को उपयोगी और व्यवहारिक बताया तथा राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य श्री दिव्य राज गणेश समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के लिए आयोजित यह दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विश्वास है कि विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी और अधिकारियों द्वारा साझा किए गए अनुभव कार्यक्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं का असली असर तभी महसूस होता है जब आम नागरिकों को समय पर और सही सेवा मिले। अधिकारियों की दक्षता, संवेदनशीलता और ईमानदार कार्यशैली पूरे अनुमंडल के प्रशासनिक माहौल को प्रभावित करती है। मुझे भरोसा है कि आप सभी इस प्रशिक्षण की सीख को अपने दैनिक कार्यों में उतारकर राज्य की राजस्व कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाएंगे।





