Bihar News: बिहार विधानसभा में आज स्वास्थ्य विभाग का जवाब दे रहे प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी बार-बार फंस जा रहे थे. भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा के सवाल पर भी मंत्रीजी बुरे फंसे. जवाब देते नहीं बन रहा था. नीतीश मिश्रा का सवाल था,सीएचसी का मानक क्या है..? मंत्री ने जवाब दिया- अगले वित्तीय वर्ष में जो भी है वो पूरा कर लिया जाएगा.
पानी-पानी हुए मंत्री जी....
झंझारपुर से भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा का लखनौर सीएचसी को लेकर सवाल था. उन्होंने कहा कि मेरा मूल प्रश्न इतना है कि सीएचसी प्रखंड मुख्यालय का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र होता है. 30 बेड ठीक से संचालित नहीं हो रहा, अतिरिक्त 20 बेड का भवन बना दिया गया, उद्घाटन भी हो गया. लेकिन डेढ़ सालों से बंद पड़ा है. सरकार ने जवाब दिया है कि दो चिकित्सक उपलब्ध हैं. इनमें एक मधुबनी में प्रतिनियुक्त हैं. एक संविदा के डॉक्टर हैं और एक दंत चिकित्सक हैं. लखनौर के जो प्रभारी हैं वह झंझारपुर पीएचसी के भी प्रभारी है. 16 ए ग्रेड नर्स स्वीकृत है, लेकिन नर्स का भी घोर अभाव है. जब हम 30 बेड को सुचारू रूप से संचालित नहीं कर पा रहे तो फिर 20 अतिरिक्त बेड बनाने का औचित्य क्या है, डेढ़ वर्षो के बाद भी उस भवन में ताला लगा हुआ है. सीएचसी का मानक क्या है, हम यही जवाब चाहते हैं.
सम्राट चौधरी ने मंत्री को बचाया
नीतीश मिश्रा ने मांग किया कि तीस बेड के अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए मानव संसाधन, जांच की व्यवस्था, चिकित्सा की व्यवस्था, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जाए. भाजपा विधायक के सवालों का जवाब देने में पसीना छूटने लगे. मंत्री ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में सारी व्यवस्था कर दी जायेगी. लेकिन प्रश्नकर्ता विधायक नीतीश मिश्रा इससे संतुष्ट नहीं हुए. मंत्री की हो रही फजीहत के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृद्ध करने में जुटी है.





