1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 03, 2026, 11:38:14 AM
- फ़ोटो
Bihar News: बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू होने जा रही है। लंबे इंतजार के बाद अब इन कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होंगी। सरकार ने सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्रों को पहले दिन से ही बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इसको लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने साफ निर्देश दिया है कि 30 जून तक सभी नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की ओर से जिन सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है, उनमें बिजली, पेयजल, शौचालय, जल निकासी, ब्लैकबोर्ड, डेस्क-बेंच, कंप्यूटर और वाटर कूलर जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी कॉलेजों को तय समय के भीतर पूरी तरह तैयार किया जाए ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंगलवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने नए डिग्री कॉलेजों की तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी जुड़े। बैठक में कॉलेजों की तैयारियों का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सरकार ने इन सभी 211 कॉलेजों का नाम संबंधित प्रखंड के नाम के साथ “राजकीय डिग्री महाविद्यालय” रखा है। इससे छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
शुरुआती चरण में इन कॉलेजों में छह प्रमुख विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन विषयों से बड़ी संख्या में छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।
नए शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए छात्रों का उत्साह भी देखने लायक है। अब तक इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए 57,421 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा रुचि इतिहास और हिन्दी विषय में देखने को मिली है।
इतिहास विषय के लिए 17,105 छात्रों ने आवेदन किया है, जबकि हिन्दी विषय के लिए 25,790 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इससे साफ है कि छात्रों में पारंपरिक विषयों को लेकर अभी भी काफी उत्साह है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इन 211 नए डिग्री कॉलेजों के शुरू होने से बिहार में उच्च शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। अब उन्हें स्नातक की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।