PATNA: बिहार के पहले हाई-स्पीड रोड नेटवर्क आमस–दरभंगा एक्सप्रेस-वे (NH-119D) का निर्माण तेजी से जारी है। पटना से गया के बीच एक्सप्रेस-वे का लगभग 40% कार्य पूरा हो चुका है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह छह लेन एक्सप्रेस-वे गयाजी जिले के आमस से शुरू होकर दरभंगा तक जाएगा। इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
189 KM लंबाई, 7 जिलों को जोड़ेगा
इस एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 189 किमी है। निर्माण के बाद यह औरंगाबाद, गयाजी, जहानाबाद, पटना, वैशाली और दरभंगा सहित सात जिलों को जोड़ेगा। इससे बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। एक्सप्रेस-वे जहानाबाद के मखदुमपुर, घोसी, काको और मोदनगंज प्रखंडों से होकर गुजरेगा। 38 किलोमीटर लंबाई वाले इस हिस्से में 5 से 10 अंडरपास बनाए जा रहे हैं, जिससे आस-पास के गांवों को आसानी से जोड़ा जा सके।
सड़क की चौड़ाई और संरचना
सड़क चौड़ाई: 60 मीटर
ऊंचाई: लगभग 5 मीटर
दोनों ओर बेरिकेटिंग की जाएगी ताकि जानवर सड़क पर न आएं
वाहन गति सीमा: 100 किमी/घंटा
भू-अर्जन के लंबित मामलों को तेजी से निपटाया जा रहा है। कुछ हिस्सों में भविष्य में इसे 8 लेन तक चौड़ा करने के लिए अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है। मखदुमपुर के 13, मोदनगंज के 12 और घोसी प्रखंड के 3 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है।
यात्रा होगी आसान, दरभंगा–गयाजी की दूरी कम
एक्सप्रेस-वे बनने के बाद गयाजी से दरभंगा की 210 किमी दूरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही यह मार्ग पटना, गया और दरभंगा एयरपोर्ट को भी कनेक्ट करेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। यहां सर्विस रोड, फ्यूल स्टेशन, अस्पताल, होटल का निर्माण होगा। इनसे यह मार्ग यात्रियों के लिए बेहद सुगम और आधुनिक बनेगा। इस परियोजना की लागत करीब 5,000 करोड़ रुपये है। यह परियोजना चार पैकेजों में बन कर तैयार होगा। एक्सप्रेस-वे के जरिए बोधगया महाबोधि मंदिर और गया एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगा।





