Patna Metro: बिहार की राजधानी पटना अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल होने जा रही है जहां मेट्रो रेल का संचालन होता है। पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का काम इन दिनों तेजी से प्रगति पर है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल होने वाले आम चुनाव से पहले इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। इस बीच, पटना मेट्रो की बोगियों का नया लुक सामने आया है, जो न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत हैं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर करती हैं।
पटना मेट्रो की बोगियां अब केसरिया रंग में नजर आ रही हैं, जिनकी बाहरी दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग से सजी सुंदर कलाकृतियाँ बनाई गई हैं। यही नहीं, इन बोगियों पर बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों जैसे गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों की चित्रकारी भी की गई है। इस आकर्षक डिजाइन से न केवल मेट्रो यातायात को आधुनिक रूप मिलेगा, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रचार होगा।
प्रत्येक मेट्रो ट्रेन में तीन बोगियां होंगी और एक बोगी में लगभग 300 यात्रियों के बैठने व खड़े होने की क्षमता होगी। इन बोगियों के गेट, बॉडी और खिड़कियों पर स्टिकर्स चिपकाने का काम भी जारी है। बोगियों के अंदरूनी हिस्से को भी यात्री अनुकूल बनाया जा रहा है, ताकि सफर अधिक आरामदायक और सुरक्षित हो।
सूत्रों के अनुसार, अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं और इसकी तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 19 अगस्त को पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया था। उन्होंने बैरिया स्थित टर्मिनल का दौरा किया और मेट्रो के डिब्बों, पटरियों, यार्ड और विद्युत आपूर्ति प्रणाली की स्थिति की समीक्षा की।
बैरिया टर्मिनल परिसर को मेट्रो के ठहराव, रखरखाव और स्वच्छता कार्यों के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही एक प्रशासनिक भवन भी बनाया जा रहा है, जहां से मेट्रो संचालन की निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में और तेजी लाई जाए ताकि समयसीमा के भीतर यह परियोजना पूरी हो सके। पटना मेट्रो का यह नया चरण न केवल राज्य के विकास को रफ्तार देगा बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी स्मार्ट और सुलभ बनाएगा।





