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हॉस्पिटल बंद करो..डॉक्टर यहां नहीं रहता है, युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा

सहरसा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर में बाइक सवार 2 युवकों में से 1 की मौत हो गई। परिजनों ने मॉडल अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। कहा कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहने के चलते मरीज की मौत हुई है।

बिहार न्यूज
इलाज में लापरवाही का आरोप
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
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SAHARSA: सहरसा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को टक्कर मार दी, हादसे में एक युवक की सदर अस्पताल में मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सरकारी अस्पताल बंद करो यहां डॉक्टर नहीं रहता है। डॉक्टर अस्पताल में रहता तो मरीज की जान नहीं जाती। 


जानकारी के अनुसार, बाइक पर दो युवक सवार थे। उनमें से एक युवक का इलाज निजी क्लीनिक में चल रहा था, जबकि दूसरा युवक रास्ते में गंभीर रूप से घायल होकर सदर अस्पताल में दम तोड़ चुका।


युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। आरोप लगाया कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति और ईलाज में कमी के कारण मरीज की जान गई है। हालांकि अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि मरीज की मौत रास्ते में ही हो चुकी थी और डॉक्टर जब तक उसका इलाज शुरू कर पाते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


सूचना मिलते ही थाना की चार गाड़ियां सदर अस्पताल पहुंचीं। थानाध्यक्ष सुबोध कुमार खुद परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि हंगामा शांत हो सके। इसके बावजूद परिजन अस्पताल की कार्यशैली से नाराज हैं और अस्पताल को बंद करने की बात कर रहे हैं. इनका कहना है कि जब अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं है तो इसे खुला क्यों रखा गया है? उनका कहना था कि यदि डॉक्टर मौजूद रहते तो मरीज की जान बच सकती थी। मरीज की मौत से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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