1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 07, 2026, 3:50:15 PM
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Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पिछले कई दिनों से एक तेंदुए की मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है. यह तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ लगातार जगह बदल रहा है और वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद पकड़ में नहीं आ रहा है. कभी यह बिहार के गांवों में दिखाई देता है तो कभी यूपी के दियारा क्षेत्रों में पहुंच जाता है. तेंदुए की इसी लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों, किसानों और प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक तेंदुआ पिछले कई दिनों से अलग-अलग गांवों के आसपास देखा जा रहा है. उसकी गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है. शाम होते ही लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं और बच्चों को भी अकेले बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है. कई गांवों में रात के समय सन्नाटा पसरा रहता है, क्योंकि लोगों को हर पल किसी अनहोनी का डर सताता रहता है.
तेंदुए के खौफ का असर खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई देने लगा है. खासकर गन्ना किसानों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है. खेतों में जाने से लोग कतरा रहे हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं. कई जगहों पर गन्ना सर्वे और अन्य कृषि संबंधी काम भी प्रभावित हुए हैं. किसानों का कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक खेतों में काम करना जोखिम भरा बना रहेगा.
वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है. अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ बेहद सतर्क और चालाक है. वह एक जगह ज्यादा देर तक नहीं रुकता और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है. यही वजह है कि उसे ट्रैक करना और पकड़ना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. विभाग की ओर से कई संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं. तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरों के पास बकरियां भी बांधी गई हैं, लेकिन अब तक वह किसी जाल में नहीं फंसा है.
कुछ दिन पहले तेंदुए द्वारा एक हिरण का शिकार किए जाने की भी सूचना सामने आई थी. इसके बाद वन विभाग ने निगरानी और तेज कर दी. ड्रोन और विशेष टीमों की मदद से इलाके में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए और उसके शावकों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है ताकि किसी तरह का नुकसान न हो.
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा चिंता महिलाओं, बच्चों और पशुपालकों को है. लोग अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने से डर रहे हैं. कई परिवारों ने रात के समय खेतों और बगीचों की तरफ जाना पूरी तरह बंद कर दिया है. हाल ही में एक महिला के घायल होने की घटना के बाद लोगों का डर और बढ़ गया है.