BIHAR: मवेशी चलाते समय एक 65 साल की बुजुर्ग महिला को बाघ जिंदा चबा गया। एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। परिजनों को सिर्फ पैर का हिस्सा मिल पाया है। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग बाघ के कहर से काफी डरे और सहमे हुए है। वो वन विभाग से बाघ को पकडने की मांग कर रहे हैं।
घटना पश्चिम चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड के मटियारिया थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव की है। जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के गोबर्धना जंगल से निकले बाघ ने 65 वर्षीया वृद्ध महिला उमछी देवी पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
मृतका की पहचान खेलावन महतो की पत्नी उमछी देवी के रूप में हुई है जो गुरुवार की शाम करीब 4:30 बजे मवेशी चरा रही थीं। तभी अचानक जंगल से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ ने उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटा और बुरी तरह क्षत-विक्षत कर डाला। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ तो भाग गया, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, घटनास्थल पर उमछी देवी के केवल फटे हुए कपड़े और एक पैर का हिस्सा ही मिला, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा बाघ उठा ले गया। इस घटना ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया।
सूचना मिलते ही मटियारिया थाना पुलिस और गोबर्धना रेंज के रेंजर सत्यम शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बाघ के पगमार्क का विश्लेषण शुरू किया है और उसकी तलाश के लिए अभियान चलाने की बात कही। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल के आसपास अकेले न जाने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी 11 अगस्त 2025 को गोबर्धना रेंज के खैरहनी गांव में बाघ ने 65 वर्षीय किसान मथुरा महतो की जान ले ली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गुस्सा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि लापरवाही के कारण गांवों में बार-बार बाघ घुस रहे हैं, जिससे उनकी जिंदगी खतरे में है।




