Bihar politics : पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और छातारपुर से विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को उचित बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी।
नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा कि पप्पू यादव के खिलाफ सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों को दबाकर रखा गया था, जिसके कारण समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। भाजपा विधायक ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि समाज में सही संदेश जा सके।
भाजपा विधायक ने राजनीति में आपराधिक छवि वाले लोगों के आने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के लिए यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि जब आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग चुनाव जीतकर संसद और विधानसभा तक पहुंच जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि मतदान करते समय उम्मीदवार के चरित्र और पृष्ठभूमि पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि स्वच्छ और ईमानदार छवि वाले लोग राजनीति में आगे आ सकें।
नीरज कुमार सिंह बबलू ने दो टूक शब्दों में कहा कि पप्पू यादव अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं और यदि उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, तो उन्हें कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में कानून सबके लिए समान है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। यदि किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आरोप हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर उनके समर्थक गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, वहीं विरोधी दलों के नेता इस मुद्दे को लेकर लगातार हमलावर बने हुए हैं। समर्थकों का कहना है कि पप्पू यादव हमेशा जनता की आवाज उठाते रहे हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। दूसरी तरफ विरोधी दलों के नेता कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए गिरफ्तारी को सही ठहरा रहे हैं।
बहरहाल, इस मामले को लेकर आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और अधिक गरमा सकती है। खासकर लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए विभिन्न दल इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से उठाने की कोशिश करेंगे। फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की नजरें जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां और अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती हैं।




