बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में किराएदारों की पहचान को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में किराए के मकान में रहने वालों की जानकारी अब पुलिस के पास डाटा के रूप में सुरक्षित रहेगी। इसके लिए सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किराएदारों को रखने से पहले उनका सत्यापन कराएं और आधार कार्ड समेत अन्य विवरण की प्रति नजदीकी थाने में जमा कराएं।
जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और किराए के मकान में अपराधियों के छिपे होने की खबरों के बाद पुलिस मुख्यालय ने यह सख्त कदम उठाया है। अब बिना सत्यापन के किसी को भी मकान किराए पर देना मुश्किल हो सकता है। एसएसपी के निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षकों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में घर-घर जाकर किराएदारों का सत्यापन शुरू कर दिया है। अहियापुर, सदर और काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस ने सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सत्यापन के दौरान पुलिस ने किराएदारों से उनकी पहचान के बारे में पूछताछ की। मकान मालिकों से किराएदारों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मांगे गए। इसके अलावा मकान मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किराएदार का सत्यापन अनिवार्य है। सभी दस्तावेजों की एक कॉपी अपने पास रखें, दूसरी कॉपी थाने में जमा कराएं। ✔ घर में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अगर कोई मकान मालिक बिना सत्यापन के मकान किराए पर देता है और कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर सकती है। मुजफ्फरपुर में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि कई अपराधी किराए के मकान में छिपकर अपराध कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अब पुलिस के पास किराएदारों का पूरा रिकॉर्ड होगा, ताकि अपराध पर लगाम लगाई जा सके।





