BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में आज बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar के युग के समाप्त होने के संकेत मिल रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह अब राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। उनके इस ऐलान के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया भी तेज होती दिखाई दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज दोपहर करीब 1 बजे पटना पहुंचने वाले हैं। उनके इस दौरे को बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पटना पहुंचने के बाद अमित शाह सीधे उस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां एनडीए के उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Naveen, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, एनडीए की ओर से राज्यसभा की पांचों सीटों पर उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे। इन उम्मीदवारों में जेडीयू और भाजपा के नेता शामिल हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि यह फैसला बिहार की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। करीब 20 साल से अधिक समय तक राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले नीतीश कुमार के इस कदम को उनके राजनीतिक सफर के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह के इस दौरे को सिर्फ राज्यसभा नामांकन तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो बिहार में बनने वाली नई सरकार का स्वरूप भी आज ही लगभग तय हो सकता है। माना जा रहा है कि देर शाम तक यह साफ हो जाएगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और नई सरकार में किस पार्टी को कितनी जिम्मेदारी मिलेगी।
इसी सिलसिले में एनडीए के सभी विधायकों और बिहार से जुड़े सांसदों को पटना बुलाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि नामांकन कार्यक्रम के बाद शाम को एनडीए की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें सरकार गठन को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की जाएगी। इस बैठक में केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ राज्य के सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं, तो बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री बनने की संभावना भी मजबूत हो सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला एनडीए की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जेडीयू के अंदर भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के कई कार्यकर्ता और नेता चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहें। वहीं दूसरी ओर एनडीए के भीतर सत्ता संतुलन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कुल मिलाकर आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां राज्यसभा नामांकन के जरिए नई राजनीतिक दिशा तय होगी, वहीं दूसरी ओर शाम तक यह भी साफ हो सकता है कि बिहार की सत्ता की कमान अब किसके हाथ में होगी। अगर ऐसा होता है तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़े युग के अंत और नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जाएगा।


