BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति इन दिनों लगातार बदलते घटनाक्रमों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधते हुए आगे बढ़ गए। हालांकि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर और बिहार से अपने जुड़ाव को लेकर जरूर विस्तार से बात की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उनके जीवन में भगवान का बहुत बड़ा स्थान है और वह मानते हैं कि हर पल प्रभु मनुष्य के साथ होते हैं। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की यह एक नई शुरुआत है और पार्टी द्वारा लिए गए हर फैसले का वह हमेशा सम्मान करते रहे हैं। उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में बिहार के प्रति अपने लगाव को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब भी वह राज्यसभा जाएंगे या राष्ट्रीय स्तर पर कोई जिम्मेदारी निभाएंगे, तब भी बिहार उनके जीवन में विशेष स्थान रखेगा। उन्होंने कहा कि उनका क्षेत्र और उनकी जड़ें ही उनकी असली ताकत हैं। इंसान अपनी जड़ों से जुड़कर ही आगे बढ़ सकता है और यदि जड़ मजबूत होती है तो पेड़ भी मजबूत और बड़ा बनता है।
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में व्यक्ति चाहे जितना भी बड़ा पद हासिल कर ले, लेकिन अपने क्षेत्र और अपने लोगों को कभी नहीं भूलना चाहिए। उनके लिए बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ स्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों के भरोसे और समर्थन को हमेशा याद रखते हैं और आगे भी उनके विकास के लिए काम करते रहेंगे।
इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। सवाल सुनते ही उन्होंने चुप्पी साध ली और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से आगे बढ़ गए। उनके इस रुख को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार की राजनीति में इस समय यह मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है।
दरअसल, हाल के घंटो में यह चर्चा तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और राज्य में नए नेतृत्व को लेकर भी चर्चा तेज हो जाएगी। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा और जदयू दोनों ही इस मुद्दे पर फिलहाल सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि भाजपा के शीर्ष नेताओं की ओर से भी इस विषय पर खुलकर बयानबाजी नहीं की जा रही है।
कुल मिलाकर, नितिन नवीन का बयान भले ही बिहार के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता हो, लेकिन नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के सवाल पर उनकी चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


