Smriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गोपालगंज में समृद्धि यात्रा के दौरान 316 करोड़ रुपये की लागत से 40 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें 181 करोड़ रुपये की लागत की 33 योजनाओं का शिलान्यास और 135 करोड़ रुपये की 7 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान बतरदेह पंचायत में सारण तटबंध के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया और बरौली प्रखंड में विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। साथ ही वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नीतीश कुमार ने अधिकारियों के साथ गोपालगंज में विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए और जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। यात्रा के दौरान आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों को भी संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने 24 नवंबर 2005 से पहले की स्थिति का जिक्र किया और कहा कि उस समय बिहार में कानून का शासन नहीं था। शाम ढलते ही लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे, समाज में झगड़े आम थे, शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी, चिकित्सा सुविधाएं सीमित थीं और सड़कें जर्जर थीं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए, जिससे बिहार में विकास की तस्वीर स्पष्ट रूप से दिख रही है। नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के शासनकाल का भी इशारा करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद पर बदलाव और परिवारवाद देखा गया।





