PATNA:बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में 31 मार्च को पूजा के दौरान मची भगदड़ से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी थी। नालंदा की घटना को ध्यान में रखते हुए सभी धार्मिक स्थलों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी है। आज हनुमान जयंती है, इस मौके पर पटना के विभिन्न हनुमान मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसका जायजा लेने के लिए आईजी जीतेन्द्र राणा पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे।
पटना के महावीर मंदिरों में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती गयी हैं। मंदिर परिसर या उसके आस-पास में सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। जिसका उद्धेश्य त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। महावीर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे आईजी जीतेन्द्र राणा ने बताया कि नालंदा की घटना को ध्यान में रखते हुए धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। आज हनुमान जयंती पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। उन्होंने बताया कि जो भी बड़े आयोजन होते हैं उस पर सामान्य प्रशासन और पुलिस की नजर रहती है। उन्होंने कहा कि नालंदा मे जिस तरह से शीतला माता मंदिर में भगदड़ मची और 9 लोगों की मौत हो गयी। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस चौकस है। राज्य के तमाम धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी है, ताकि मंदिर में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न ना हो।
गौरतलब है कि नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र के मधड़ा में शीतला माता का मंदिर है। वहां 31 मार्च दिन मंगलवार को भगदड़ मची थी जिसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंदिर के 4 पुजारियों को गिरफ्तार किया था और दीपनगर थाना के थानाध्यक्ष राजमणि को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि मंदिर के पुजारी लोगों से पैसा लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन करा रहे थे। इस घटना के बाद दीपनगर थाना में कुल 40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें 20 नामजद और 20 अज्ञात शामिल हैं।
गिरफ्तार पुजारियों में निरंजन कुमार, अनुज पांडेय, मिथिलेश पंडित और विवेकानंद शामिल है। आरोप है कि ये लोग पैसा लेकर श्रद्धालुओं को माता का दर्शन कराने में लगे थे, इसी के चलते भीड़ बढ़ी और यह दर्दनाक हादसा हो गया। सरकार की ओर से घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की गई है। साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्देश दिया। पीएम मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों के परिवार को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.
पटना से सूरज की रिपोर्ट




