Bihar Passport News: बिहार में पासपोर्ट बनवाने के मामले में मुज़फ्फरपुर जिले ने सीवान और छपरा को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बना लिया है। डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (Post Office Passport Seva Kendra) के आंकड़ों के अनुसार, मुज़फ्फरपुर में अब तक लगभग 40,000 पासपोर्ट बनाए जा चुके हैं, और यहां रोज़ाना औसतन 40 पासपोर्ट के नए आवेदन आ रहे हैं। इस मामले में सीवान दूसरा सबसे आगे जिला है, जहां अब तक 10,000 से अधिक पासपोर्ट बनाए गए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में गोपालगंज, सीवान और छपरा इस सूची में अग्रणी थे, लेकिन अब मुज़फ्फरपुर के लोगों में विदेश यात्रा और नौकरी के लिए बढ़ती जागरूकता और सुविधाओं की उपलब्धता ने इसे आगे कर दिया है।
राज्यभर में 37 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र
बिहार में कुल 37 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र कार्यरत हैं। इसके अलावा पासपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पटना और दरभंगा में दो मुख्य सेवा केंद्र भी हैं। इन सभी केंद्रों के माध्यम से अब तक 2,88,390 पासपोर्ट बनाए जा चुके हैं, जो राज्य में विदेश यात्रा को लेकर लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है।
मात्र 7 से 10 दिन में मिल रहा पासपोर्ट
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अब पासपोर्ट प्रक्रिया पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ हो गई है। एक सप्ताह से दस दिन के भीतर आवेदकों को उनका पासपोर्ट स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया जाता है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन उसी जिले के सेवा केंद्र में ही किया जाता है, जिससे प्रक्रिया और तेज होती है।
सालाना 10 से 15 पासपोर्ट शिविर
बढ़ती मांग को देखते हुए पासपोर्ट विभाग साल भर में 10 से 15 शिविरों का आयोजन करता है। इन शिविरों में उन लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है जिन्होंने पहले से ऑनलाइन आवेदन किया होता है। शिविर लगने से प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों आती है।






