Bihar Police News: बड़ी खबर मुजफ्फरपुर से आ रही है, जहां तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। डीआईजी ने भ्रष्टाचार के आरोपी पुलिस अवर निरीक्षक (SI) सुमनजी झा को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग की छवि सुधारने और अनुशासनहीनता को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पवन कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में एसआई सुमनजी झा के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए। 4 सितंबर 2024 को सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के बंधारा बाजार के पास, तत्कालीन एसआई सुमनजी झा को 11,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या 08/24 दर्ज किया गया था।
सिर्फ रिश्वतखोरी ही नहीं, सुमनजी झा पर अन्य गंभीर आरोप भी थे। हाल ही में जब वे वैशाली जिले के लालगंज थाने में पदस्थापित थे, तब उन पर 1.5 किलो सोना और अन्य बहुमूल्य सामग्री की जब्ती सूची में हेराफेरी करने का आरोप लगा था। इस मामले में लालगंज थाना कांड संख्या 11/26 के तहत उन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच रिपोर्ट में सुमनजी झा को पूर्णतः दोषी पाया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि आरोपी अधिकारी के कृत्य से न केवल पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई, बल्कि यह आम जनता के विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है।
डीआईजी चंदन कुशवाहा के द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि पुलिस एक अनुशासित संगठन है। ऐसे में भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों का विभाग में बने रहना अन्य पुलिसकर्मियों के मनोबल और संगठन की साख पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों की गहन समीक्षा के बाद, डीआईजी चंदन कुशवाहा ने आरोपी सुमनजी झा को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।




