MUZAFFARPUR:मुजफ्फरपुर में हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे का त्योहार ईद-उल-फितर पूरे अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। शहर की बड़ी ईदगाह, कंपनी बाग, तिलक मैदान और बैंक रोड स्थित मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मुल्क की सलामती और अमन-चैन की दुआएं मांगी गईं। हालांकि, इस बार ईद के जश्न के बीच विरोध का एक अलग और गंभीर रंग भी देखने को मिला।
शहर के मोहल्ला कमरा स्थित शिया जामा मस्जिद में शिया समुदाय के लोगों ने हाथों और बाज़ू पर काली पट्टी बांधकर सादगी के साथ ईद की नमाज़ अदा की। यह विरोध प्रदर्शन ईरान पर हुए हमलों और वहां के नागरिकों की शहादत के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए किया गया। नमाज के बाद मस्जिद परिसर के बाहर भारी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों का गुस्सा चरम पर दिखा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूंका और अंतरराष्ट्रीय नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रदर्शन में शामिल लोग अपने हाथों में अयातुल्लाह खामनेई की तस्वीरें लिए हुए थे और अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे लगा रहे थे।
शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इतरत हुसैन नदीम ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया में जो जंग का माहौल बना है, उसमें ईरान ने हमेशा इंसानियत का परिचय दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि ईरान ने भारत के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए हॉर्मुज से ईंधन से भरे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया, जो दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और मानवता का प्रमाण है।
मौलाना ने आगे कहा कि एक तरफ ईरान इंसानियत बचा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उन्हीं मजलूमों के समर्थन में और जुल्म के खिलाफ एक आवाज है। ईद की नमाज के बाद हुए इस प्रदर्शन ने पूरी दुनिया को शांति और न्याय का संदेश देने की कोशिश की। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया, ताकि त्योहार और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।





