Bihar crime news : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में मंगलवार देर रात उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पॉक्सो मामले के एक आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर भिड़ंत हुई, जो फायरिंग तक पहुंच गई। इस घटना में 55 वर्षीय ग्रामीण जगतवीर राय की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि गायघाट थानेदार राजा सिंह समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे तक पुलिस गांव में प्रवेश करने से बचती रही। ग्रामीणों का गुस्सा थानेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर और भी तेज हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
क्या है पुलिस का पक्ष?
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चोरनिया गांव में छापेमारी की गई थी। इसी दौरान आरोपी और उसके समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग भी की गई। पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में थानेदार राजा सिंह ने दो राउंड हवाई फायरिंग की।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप
वहीं, मृतक के चाचा टुन्ना राय समेत अन्य ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस गलत घर पर छापेमारी करने पहुंची थी। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस पॉक्सो आरोपी भिखारी राय के बजाय अजय कुमार के घर पहुंच गई और उसे जबरन पकड़ने लगी।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अजय कुमार ने गिरफ्तारी का कारण पूछा और वारंट दिखाने को कहा, तो थानेदार ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पुलिस ने पहले हवाई फायरिंग की। आरोप है कि इसके बाद अजय कुमार को निशाना बनाकर गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया।
बताया जाता है कि इसी बीच जगतवीर राय मौके पर पहुंचे और उन्होंने थानेदार को फायरिंग करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बावजूद थानेदार ने उनके सीने में सटाकर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अफरा-तफरी
जगतवीर राय के गिरते ही माहौल पूरी तरह बेकाबू हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम करीब दो किलोमीटर तक पैदल भागती रही, जबकि ग्रामीण उन्हें खदेड़ते रहे।सुबह होते-होते गांव में आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। ग्रामीणों ने थानेदार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई।इसी बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने गायघाट थानेदार राजा सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।






