Bihar News: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात का असर अब बिहार के मुंगेर तक महसूस किया जा रहा है। ईरान द्वारा कुवैत, दुबई और ओमान पर हमलों की खबरों के बाद वहां काम कर रहे लोगों के परिवारों में चिंता बढ़ गई है। मुंगेर के कई गांवों के दर्जनों लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं, इसलिए यहां के परिवार अपने अपनों की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हैं।
मुंगेर सदर प्रखंड के सुजावलपुर, मिर्जापुर बरदह और आसपास के गांवों में इन दिनों बेचैनी का माहौल है। इन गांवों के करीब 70 लोग दुबई, कुवैत, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में काम करते हैं। इनमें से अधिकतर लोग अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य हैं, जो वर्षों से विदेश में रहकर घर का खर्च चलाते आ रहे हैं।
लेकिन हाल के दिनों में खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों की खबरों ने यहां के परिवारों की नींद उड़ा दी है। ईद के मौके पर करीब 40 से 50 लोग घर आने वाले थे और कई लोगों ने टिकट भी बुक कर लिया था। हालांकि, हालात बिगड़ने और उड़ान सेवाएं प्रभावित होने के कारण उनकी यात्रा रद्द हो गई, जिससे इस बार ईद की खुशियां भी फीकी पड़ गई हैं।
इसी बीच एक परिवार में बेटी की शादी की तैयारी भी चिंता के साये में आ गई है। मदीना बेगम ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 30 मार्च को तय है। बेटी के पिता और भाई ने 15 मार्च को सऊदी अरब से घर आने के लिए टिकट भी करा लिया था, लेकिन हालात खराब होने के कारण उनकी यात्रा रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी में पिता और भाई का न होना बहुत दुखद होगा।
सुजावलपुर के रहने वाले मुहम्मद शहजाद ने बताया कि उनके भाई और अन्य रिश्तेदार दुबई में एयर कंडीशनर का काम करते हैं। वे भी ईद के मौके पर घर आने की तैयारी में थे, लेकिन मिसाइल हमलों की खबरों के बाद उनका आना मुश्किल हो गया है।
वहीं, विदेश में काम कर रहे कई लोग वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए अपने परिवार को वहां की स्थिति की जानकारी दे रहे हैं। परिजनों के मुताबिक कंपनियों ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उन्हें जमीन के नीचे बने बंकरों में रखा है, जहां खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि 4 मार्च के बाद से हमलों की घटनाएं फिलहाल थम गई हैं।
गांव में रह रहे परिवार के लोग रोज फोन पर अपने अपनों से संपर्क कर रहे हैं और उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि जल्द हालात सामान्य होंगे और उनके अपने सुरक्षित घर लौट आएंगे। मुंगेर के इन गांवों में इन दिनों हर घर में एक ही प्रार्थना है कि खाड़ी देशों में शांति लौटे और वहां काम कर रहे लोग सुरक्षित अपने परिवार के पास वापस आ सकें।




