ब्रेकिंग
Bihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्मपटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तारमुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?Bihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्मपटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तारमुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?

मोतिहारी: शराब के नशे में थाना पहुंचे पंचायत समिति सदस्य गिरफ्तार, आरोपी का पैरवी करना पड़ गया महंगा

मोतिहारी के पिपरा थाना में आरोपी की पैरवी करने पहुँचे पंचायत समिति सदस्य को शराब के नशे में हंगामा करना भारी पड़ा। मेडिकल जांच में पुष्टि के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

bihar
क्या यही शराबबंदी है?
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

MOTIHARI: मोतिहारी जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में शराबबंदी कानून को लेकर पुलिस ने एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शराब के नशे में धुत होकर थाना पहुँचे पंचायत समिति सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब वह एक आरोपी की पैरवी करने थाने पहुंचे थे।


मिली जानकारी के अनुसार, पिपरा थानाध्यक्ष अंजन कुमार ने हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया था। आरोपी से पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी थी, तभी विशुनपुरा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य मनीष कुमार शराब के नशे में थाने पहुँच गए। बताया जा रहा है कि वह गिरफ्तार आरोपी को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थाने पहुँचते ही पंचायत समिति सदस्य ने नशे की हालत में पुलिस कर्मियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने खुद को जनप्रतिनिधि बताते हुए आरोपी को छोड़ने की मांग की और उनका व्यवहार व भाषा भी आपत्तिजनक बताई जा रही है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अंजन कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति सदस्य को हिरासत में ले लिया और मेडिकल जांच के लिए भेजा। मेडिकल रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार केस दर्ज किया गया। इसके बाद वरीय अधिकारियों को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई।


पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या जनप्रतिनिधि। शराब के नशे में थाना आने और पुलिस पर दबाव बनाने को गंभीर अपराध मानते हुए पंचायत समिति सदस्य मनीष कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं और इसे कानून के राज का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं, यह मामला जनप्रतिनिधियों के आचरण और जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।

सोहराब आलम की रिपोर्ट

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें