MADHUBANI: बिहार के मधुबनी जिले में अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 7 सिम बॉक्स, 136 मोबाइल और सिम, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 1,68,000 रुपए और अन्य उपकरण बरामद किए गए।
खुफिया इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें IB, EOU, DIU, SSB, DOT, नगर थाना और साइबर थाना की टीम शामिल रही। नगर थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन स्थित मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर में छापेमारी की गई। इसके बाद विकास कुमार, रौशन कुमार, मोहम्मद एहसान और सुरेश सिंह के आवास पर भी छापेमारी की गई। मौके से सुरेश सिंह के बेटे मंदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया।
मधुबनी SP योगेंद्र कुमार ने बताया कि मंदीप कुमार अपने घर के कमरे में निजी कंपनियों के डिवाइस और सिम बॉक्स का उपयोग कर ट्रंकल सिस्टम के माध्यम से कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार समेत अन्य देशों में बैठे साइबर फ्रॉडर्स के साथ मिलकर साइबर ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपियों ने दूसरों के नाम पर सिम निकालकर अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी की योजना बनाई।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद सामग्री में शामिल हैं:
7 × 20 स्लॉट सिम बॉक्स
VI, AIRTEL और JIO के कई खाली सिम
18 मोबाइल
2 × TP-Link इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
2 × AIRTEL Xstream Fiber राउटर
2 × TP Link TL-R 5408PE-AC 2.5G POE
1 × TP Link चार्जर
1 × USB चार्जर स्टेशन
4 × मोबाइल मदरबोर्ड
25 × चार्जिंग केबल
6 × कंप्यूटर केबल
10 × अन्य केबल
1 × लैपटॉप
1 × SBI डेबिट कार्ड
1 × ट्रॉली बैग
कुल 1,68,000 रुपए और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज़
पुलिस के अनुसार अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चलाया जा रहा था, जिसके जरिए अंतर्राष्ट्रीय VOIP कॉल को लोकल वॉइस कॉल में बदलकर साइबर अपराध किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन कर तकनीकी जाँच और खुफिया जानकारी के आधार पर मंदीप कुमार के घर छापेमारी की।
पूछताछ में मंदीप ने बताया कि 7 सिम बॉक्स और सिम की सप्लाई में रौशन कुमार मदद करता था, जिसके लिए प्रति सिम 800 रुपए भुगतान किया जाता था। सीम बंद होने पर उसे जलाया जाता था। सभी बरामद उपकरण जप्त कर, आरोपी के विरुद्ध उचित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।





