Bihar News: भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शमीम हवलदार (34 वर्ष) के रूप में हुई है।
एसएसबी ने यह कार्रवाई 41वीं वाहिनी, रानीडांगा के जवानों ने पानीटंकी स्थित एकीकृत जांच चौकी पर की। नियमित जांच के दौरान बार्डर इंटरेक्शन टीम ने नेपाल की ओर से आ रही एक टैक्सी को रोका। जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति ने अपना नाम शमीम खान बताते हुए आधार कार्ड प्रस्तुत किया, लेकिन उसके व्यवहार और बयान में विसंगति नजर आने पर सख्ती से पूछताछ की गई।
पूछताछ में उसने अपना असली नाम शमीम हवलदार बताते हुए बांग्लादेश का नागरिक होना स्वीकार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से बांग्लादेश का मूल पहचान पत्र और पासपोर्ट बरामद हुआ, जिससे स्पष्ट हो गया कि उसके पास मौजूद आधार कार्ड पूरी तरह फर्जी था।
जांच में सामने आया कि आरोपी को बांग्लादेश में जमाल नामक दलाल ने नेपाल में 60 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी का झांसा दिया था। इसके बदले उससे एक लाख रुपये वसूले गए और भारत में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराया गया।
आरोपी करीब सात दिन पहले अवैध रूप से बोगईगांव (भारत) से मैनापुर (बांग्लादेश) सीमा पार कर फारबिसगंज के रास्ते नेपाल पहुंचा था। नेपाल के साधुबट्टा पहुंचने पर उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वह काठमांडू से काकरभिट्टा होते हुए वापस भारत लौटने की कोशिश कर रहा था, तभी पानीटंकी बॉर्डर पर एसएसबी ने उसे पकड़ लिया।
एसएसबी ने आरोपी को अवैध प्रवेश और फर्जी दस्तावेज रखने के आरोप में हिरासत में ले लिया है। मामले में अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त पूछताछ की जा रही है, ताकि मानव तस्करी और फर्जीवाड़ा गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। फिलहाल आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया है।




