Bihar news : कटिहार जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित वृहद आश्रय गृह से दो बालिकाओं के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। बीती रात हुई इस घटना ने आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि दोनों लड़कियों ने बेहद शातिराना तरीके से शौचालय के वेंटिलेटर को तोड़कर फरारी की घटना को अंजाम दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, फरार होने वाली दोनों लड़कियां हाल ही में अलग-अलग जिलों से यहां लाई गई थीं। पहली लड़की हरियाणा की मूल निवासी बताई जा रही है, जिसे अररिया से बरामद किया गया था। इसके बाद अररिया बाल सुधार विभाग द्वारा उसे कटिहार स्थित आश्रय गृह में शिफ्ट किया गया था। वहीं दूसरी लड़की अररिया की रहने वाली है, जिसे किशनगंज से बरामद कर किशनगंज बाल सुधार विभाग ने यहां भेजा था।
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि देर रात दोनों लड़कियों ने पहले शौचालय जाने का बहाना बनाया। इसके बाद उन्होंने शौचालय में लगे वेंटिलेटर को तोड़ दिया और उसी रास्ते बाहर निकल गईं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वेंटिलेटर की ग्रिल काफी कमजोर थी, जिसका फायदा उठाकर दोनों ने भागने की योजना को अंजाम दिया। बाहर निकलने के बाद उन्होंने आश्रय गृह की दीवार फांदकर फरार होने में सफलता हासिल की।
सुबह जब आश्रय गृह के कर्मचारियों ने उपस्थिति जांच की, तब इस घटना का खुलासा हुआ। दो लड़कियों के गायब होने की जानकारी मिलते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई को दी गई, जिसके बाद सहायक थाना में मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरार होने के बाद दोनों किस दिशा में गईं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस घटना में किसी बाहरी व्यक्ति की मदद तो नहीं ली गई।
इस घटना ने आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार सुरक्षा में लापरवाही के मामले उजागर हो चुके हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब इस घटना के रूप में सामने आया है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसे आश्रय गृहों में रहने वाली बच्चियां पहले से ही संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रही होती हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक बेहद गंभीर मामला है।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। फिलहाल पुलिस फरार दोनों लड़कियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें बरामद करने का दावा कर रही है।






