JAMUI: छठ महापर्व में भी अपराधी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एक समय था जब अपराधी भी लोक आस्था के महापर्व छठ में गलत काम करने से डरता था। सोचता था कि कही छठी मईया हमसे नाराज हो गयी तो कही के नहीं रहेंगे। भगवान सूर्य और छठी मईया को लेकर तब के अपराधियों में खौफ रहता था लेकिन आज इनके अंदर का डर ही मानों खत्म हो गया है। ताजा मामला बिहार के जमुई जिले की है जहां लछुआड़ थाना क्षेत्र के दरखा मोड़ पर अपराधियों ने एक कपड़ा व्यवसायी के घर और दुकान को निशाना बनाते हुए अंधाधूंध फायरिंग कर दी।
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल हो गया। हालांकि फायरिंग की इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार नकाबपोश बदमाशों ने पहुंचते ही 50 से 60 राउंड गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। फायरिंग की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें बदमाशों को अंधाधुंध फायरिंग करते देखा जा सकता है। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए।
पीड़ित अजय यादव ने बताया कि "देर रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने मेरे मकान और दुकान पर हमला कर दिया। जब तक हमें सूचना मिली और हम पहुंचे, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी गई। पुलिस पहुंची और घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए। घटना की सूचना मिलते ही लछुआड़ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कारतूस के खोखे को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है।
मोबाइल विवाद बना फायरिंग की वजह!
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मोबाइल पर दो बच्चों के बीच किसी बात को लेकर गाली-गलौज और झगड़ा हुआ था, जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ा और उसी का नतीजा यह फायरिंग बताई जा रही है। पुलिस इस एंगल पर भी गंभीरता से जांच कर रही है।
कुछ युवकों पर शक, गिरफ्तारी नहीं
जांच के दौरान सोंखार गांव के कुछ युवकों पर संदेह जताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है।
थानाध्यक्ष उपेंद्र पाठक ने कहा कि "मामले की हर बिंदु पर गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।"





