Bihar News: दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल बाद 21 मार्च को बिहार के जहानाबाद जिले के काको स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचे। लगभग 2100 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उनके घर लौटने पर परिवार और गांव में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। ईद के मौके पर उनकी वापसी से खुशी का माहौल और भी बढ़ गया।
दिल्ली की एक अदालत ने मानवीय आधार पर शरजील इमाम को 20 मार्च से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत (पेरोल) दी है। उनके वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके भाई मुजम्मिल इमाम का निकाह 25 मार्च को लखनऊ में है और 28 मार्च को रिसेप्शन होना है, साथ ही उनकी मां भी लंबे समय से बीमार हैं। अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दी।
जेल से बाहर आने के बाद शरजील ने अपने परिजनों और शुभचिंतकों से मुलाकात की और ईद के अवसर पर ग्रामीणों को गले लगाकर मुबारकबाद दी। उनके भाई मुजम्मिल इमाम ने कहा कि 6 साल बाद यह पहला मौका है जब शरजील घर आए हैं, जिससे पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देर से ही सही, न्याय जरूर मिलेगा।
हालांकि, पेरोल के दौरान कोर्ट ने शरजील इमाम पर कई सख्त शर्तें लगाई हैं। उन्हें किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी और वे केवल परिवार व करीबी रिश्तेदारों से ही मिल सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही रहना होगा और किसी भी राजनीतिक गतिविधि से दूर रहना होगा।




