Bihar News: बिहार के जहानाबाद जिले में सड़क निर्माण की गति ने विकास की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कों को चमकाने का काम तेजी से चल रहा है, ताकि जिले के लोग बिना किसी परेशानी के आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकें। हाल ही में शुरू हुई 188 ग्रामीण सड़कों की परियोजना से जहानाबाद की तस्वीर बदलने वाली है। इन सड़कों की कुल लंबाई 310 किलोमीटर है और इन्हें बनाने में 250.61 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
बिहार सरकार ने 14 नवंबर 2023 को जहानाबाद में 188 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 310 किलोमीटर है जो जहानाबाद को गया, अरवल, पटना और नवादा जैसे पड़ोसी जिलों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी। इस परियोजना में शामिल प्रमुख सड़कों में एनएच-110 से एसएस कॉलेज पथ, आदमपुर-असिया-महाबदा पथ, घोसी-परावन-रूपदेव बिगहा रोड, दमुहा-सलेमपुर-लांजो सड़क, अबगीला रोड, गौहरपुर-भलुओं रोड और ओकरी-पहाड़पुर रोड शामिल हैं। इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों का सफर आसान होगा।
इन सड़कों को टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाला बनाने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सभी सड़कों पर दो बार बिटुमिनस लेयर किया जाएगा, ताकि उनकी मजबूती और गुणवत्ता अगले 7 वर्षों तक बनी रहे। ठेकेदारों को सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए उन्हें रैपिड रोड रिपेयर व्हीकल रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि सड़कें लंबे समय तक उपयोगी रहें और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े।
हालांकि, जहानाबाद में सड़क निर्माण को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। पटना-गया मुख्य मार्ग (NH-83) के 7.48 किमी हिस्से के चौड़ीकरण में पेड़ों को हटाने की अनुमति न मिलने के कारण सड़क के बीच में दर्जनों पेड़ खड़े रह गए हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। वन विभाग और पथ निर्माण विभाग के बीच समन्वय की कमी के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। इस मामले में ठेकेदार कंपनी पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है और पेड़ों पर रिफ्लेक्टर व रेत की बोरियों से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं






