Indian Railways: बहुप्रतीक्षित क्यूल-गया रेलखंड दोहरीकरण परियोजना के तहत नवादा से तिलैया के बीच नवनिर्मित 17 किलोमीटर रेलखंड जल्द ही लोगों को मिलने जा रही है। इस रेल लाइन के शुरू हो जाने से यात्रियों का सफर तेज और बेहतर हो जाएगा। बुधवार को पूर्वी सर्किल कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त सुवोमय मित्रा ने इस नवनिर्मित रेलखंड का इंस्पेक्शन किया। उनके हरी झंडी देते ही इस रूट पर ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक जयंत कुमार चौधरी, निर्माण विभाग के वरीय अधिकारी समेत दानापुर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक जयंत कुमार चौधरी ने बताया कि संरक्षा आयुक्त ने दोहरी लाइन, पुलों, नवादा व तिलैया स्टेशनों के आधुनिक भवनों, अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष, रिले कक्ष और विद्युत आपूर्ति कक्ष का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने नवादा से तिलैया तक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विशेष ट्रेन का सफल ट्रायल भी किया, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
यह नवनिर्मित रेल लाइन ग्रैंडकॉर्ड और मेन लाइन पर भारी यातायात दबाव को कम करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए 124 किलोमीटर लंबी किऊल-गया रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 2015-16 में 1200 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की गई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से किऊल-गया रेल लाइन पर ट्रेनों की गति में काफी वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास में भी तेजी आएगी। साथ ही लखीसराय, शेखपुरा, नवादा आदि जिलों के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
इस दोहरीकरण परियोजना से न सिर्फ बिहार के निवासियों को लाभ होगा, बल्कि दिल्ली-हावड़ा रूट पर यात्रा करने वाले दूसरे राज्यों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस रुट पर ट्रेनों की कमी के कारण लोगों को यात्रा करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जो अब इस नई सुविधा से दूर हो जाएगी। यह परियोजना इस क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।





