Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां शराब के साथ पकड़े गए एक नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड ने सुधरने का मौका देते हुए एक अनूठी सजा सुनाई है। इस नाबालिग को 30 पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का आदेश दिया गया है। यह फैसला इस किशोर को समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा भी देगा।
ज्ञात हो कि 13 अप्रैल 2025 को गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के एक गांव में पुलिस ने एक किशोर को 135 पीस शराब और एक बाइक के साथ पकड़ा था। मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान किशोर ने अपनी गलती स्वीकार की। उसने बोर्ड से माफी मांगते हुए कहा कि वह अपनी गलती सुधारना चाहता है और समाज का हिस्सा बनना चाहता है। किशोर की इस अपील को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने एक रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है।
गोपालगंज के किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट नीलेश भारद्वाज ने किशोर की दोष स्वीकृति को देखते हुए उसे सामुदायिक सेवा के तहत सजा सुनाई है। किशोर को भोरे प्रखंड के सीनियर सेकेंडरी हाई स्कूल कुवाडीडीह में 30 पेड़ लगाने और एक महीने तक उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया गया है। इस कार्य की निगरानी स्कूल के प्रधानाध्यापक करेंगे।
बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया कि किशोर को पेड़ लगाने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए वन प्रमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज को निशुल्क 30 पेड़ उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। एक महीने बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक इस कार्य के संबंध में अपनी रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को सौंपेंगे।
इस फैसले का मकसद न केवल किशोर को उसकी गलती का अहसास कराना है, बल्कि उसे समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाना है। पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की प्रक्रिया से किशोर को पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामुदायिक सेवा का महत्व समझ में आएगा। यह सजा न केवल किशोर को सुधार का अवसर देती है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश भी देती है।






