Bihar News : गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के संडेश्वर गांव निवासी आईटीबीपी जवान की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जवान के असामयिक निधन की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, हर कोई स्तब्ध रह गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है।
जानकारी के अनुसार संडेश्वर गांव निवासी आईटीबीपी जवान रंजीत कुमार उर्फ लालू कुमार चार मार्च को गया शहर के भुसुंडा इलाके के पास बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अचानक असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता दिखाते हुए उन्हें उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।
लेकिन चोटें ज्यादा गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें पटना स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी हालत सुधारने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। काफी प्रयासों के बावजूद आखिरकार शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जवान की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव संडेश्वर पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। रविवार को उनका पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया गया। जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर कोई उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा।
इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया। पूरे गांव में “अमर रहे, अमर रहे” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। सुरक्षा बलों की ओर से भी जवान को सलामी दी गई और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बताया जाता है कि रंजीत कुमार उर्फ लालू कुमार भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में कार्यरत थे और वर्तमान में उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में थी। वे कुछ दिनों की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे और इसी दौरान यह दुखद हादसा हो गया। परिवार के लोगों को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि छुट्टी पर घर आए जवान के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार लालू कुमार स्वभाव से बेहद मिलनसार, सरल और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। वे हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे और गांव में सभी के प्रिय थे। उनके असमय निधन से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि लालू कुमार ने देश की सेवा करते हुए हमेशा अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दी और उनका जाना पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। जवान की अंतिम विदाई के समय गांव का माहौल पूरी तरह भावुक हो गया। हर आंख नम थी और हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम कर रहा था।






