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दरभंगा एयरपोर्ट पर खुलेगा बिहार का दूसरा फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

Flying Training Institute: दरभंगा एयरपोर्ट पर बिहार का दूसरा फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी तेज हो गई है। इसके शुरू होने से राज्य के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी और एविएशन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 13, 2026, 12:08:46 PM

Flying Training Institute

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Flying Training Institute: मिथिला क्षेत्र के लिए एक और बड़ी सौगात की तैयारी शुरू हो गई है। दरभंगा एयरपोर्ट परिसर में फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एफटीओ) की स्थापना की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। बिहार सरकार और केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के बीच इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।


एफटीओ की स्थापना के बाद दरभंगा एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि पायलट प्रशिक्षण और एविएशन क्षेत्र में रोजगार का नया हब भी बनेगा। प्रस्तावित संस्थान बिहार का दूसरा फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट होगा, जिससे राज्य के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।


इस संस्थान के शुरू होने से एविएशन क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को अपने ही राज्य में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध होगी। दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की योजना के तहत एफटीओ की स्थापना को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के संचालन से प्रशिक्षु पायलटों के अलावा फ्लाइट इंस्ट्रक्टर, तकनीकी कर्मचारियों, ग्राउंड स्टाफ और विमानन सेवाओं से जुड़े अन्य पदों पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।


दरभंगा एयरपोर्ट से लगातार बढ़ रही हवाई सेवाओं और यात्रियों की संख्या के बीच इस परियोजना को क्षेत्र के विमानन विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। एफटीओ शुरू होने के बाद एयरपोर्ट यात्री सेवाओं के साथ-साथ पायलट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा और उत्तर बिहार के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरेगा। इस पहल से न केवल मिथिला क्षेत्र की विमानन क्षेत्र में भूमिका मजबूत होगी, बल्कि राज्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।