Diesel-Petrol Crisis: बिहार के दरभंगा जिले से ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो आम लोगों की परेशानी और बढ़ती चिंता को साफ बयां कर रही है। एलपीजी के बाद अब पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार तीसरे दिन भी शहर में पेट्रोल-डीजल के लिए अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
सुबह होते ही लोग अपने-अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों की ओर निकल पड़ते हैं। कई लोग तो सूरज निकलने से पहले ही लाइन में लग जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी तरह तेल मिल सके। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को अब यह डर सताने लगा है कि कहीं पूरी तरह से पेट्रोल-डीजल खत्म न हो जाए।
शहर के लहेरियासराय टावर, सैदनगर, बेंता, बाघ मोड़ और दिल्ली मोड़ जैसे इलाकों में कई पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। बंद पंपों को देखकर लोगों की बेचैनी और भी बढ़ रही है। लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आ रहे हैं, लेकिन हर जगह या तो ताला लटका मिल रहा है या फिर लंबी कतारें लगी हुई हैं।
जहां कुछ पंप खुले हुए हैं, वहां स्थिति और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक-एक पंप पर सैकड़ों वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। बाइक, कार, ऑटो, टेंपो, बस और स्कूली वाहन—सभी के चालक टंकी फुल कराने की कोशिश में जुटे हैं। हर कोई चाहता है कि उसे जल्द से जल्द तेल मिल जाए, ताकि आने वाले दिनों की चिंता कम हो सके।
पेट्रोल पंपों पर लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग धूप में खड़े होकर पसीना बहा रहे हैं, तो कुछ लोग गाड़ियों में बैठकर धीरे-धीरे आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। लाइन इतनी लंबी है कि कई बार सड़क तक जाम जैसी स्थिति बन जा रही है।
इस बीच महिलाओं की भी बड़ी संख्या पंपों पर देखने को मिल रही है। स्कूटी और बाइक लेकर महिलाएं भी लाइन में खड़ी हैं और धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। यह दृश्य बताता है कि यह समस्या अब हर वर्ग को प्रभावित कर रही है।
भीड़ बढ़ने के साथ ही कई जगहों पर तनाव भी देखने को मिला। कुछ युवक जल्दी तेल लेने की कोशिश में आपस में बहस करते नजर आए। कई बार बात तू-तू, मैं-मैं तक पहुंच गई, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, कुछ जगहों पर लोगों ने आपसी समझदारी से स्थिति को संभालने की भी कोशिश की।
लोगों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि आगे कब तक यह स्थिति बनी रहेगी। इसी कारण पंपों पर दबाव और भी बढ़ता जा रहा है।
इस पूरी स्थिति का असर आम जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। लोग अपने जरूरी काम टाल रहे हैं, स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी बढ़ गई है, और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।




