Chhath Puja 2025: बिहार एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है, जहां हर पर्व और त्योहार को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। खासकर दुर्गा पूजा और उसके बाद आने वाला छठ महापर्व, यहाँ की आस्था का प्रतीक है। छठ पर्व, सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का अनुपम उदाहरण है। यह पर्व बिहार की धार्मिक, सामाजिक और पारंपरिक पहचान को गहराई से दर्शाता है। जाने क्या कुछ है तैयारियां...
छठ पर्व को लेकर पटना में 108 गंगा घाटों पर तैयारियां शुरूइस बार छठ महापर्व के अवसर पर पटना सिटी से दीघा तक लगभग 25 किलोमीटर की लंबाई में गंगा नदी के 108 घाटों पर अर्घ्य अर्पण की विशेष व्यवस्था की जा रही है। छठ व्रतियों के लिए सभी घाटों पर बुनियादी सुविधाएं जैसे स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, चेंजिंग रूम, रेत (सैंड), और वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। घाटों की साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
गंगा के जलस्तर की बात करें तो इस वर्ष यह पिछले साल की तुलना में अधिक देखा जा रहा है। 1 से 7 अक्टूबर के बीच जलस्तर में लगभग 53 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार सुबह दीघा घाट पर जलस्तर 49.20 मीटर और गांधी घाट पर 48.08 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। जलस्तर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग और साइनेज लगाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





