Bihar News: बिहार के छपरा सदर अस्पताल में दलालों का गिरोह एक बार फिर सक्रिय होता दिखा है। सरकारी अस्पताल की व्यवस्था को धत्ता बताते हुए दलालों ने सिवान जिले के नवलपुर निवासी रणजीत चौहान की पत्नी ममता देवी को जबरन निजी क्लिनिक में भेजने की कोशिश की। ममता देवी को इलाज के लिए 102 एंबुलेंस से छपरा सदर अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों ने उन्हें बिना डॉक्टर को दिखाए निजी क्लीनिक में रेफर करवाने की साजिश रची। मरीज को जबरन सरकारी एंबुलेंस से उतारकर एक प्राइवेट एंबुलेंस (BR04PA 1581) में बैठाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस दौरान अस्पताल का निरीक्षण कर रहे सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्थिति को भांपते ही भगवान बाजार थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह को सूचित किया। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और निजी एंबुलेंस को जब्त कर लिया। साथ ही अस्पताल परिसर में दलाली कर रहे लोगों की पहचान भी शुरू कर दी गई है।
मरीज के परिजनों ने बताया कि वे निजी अस्पताल ले जाने को तैयार नहीं थे, फिर भी दबाव बनाया जा रहा था। पीड़िता के पति रणजीत चौहान के बयान पर रसूलपुर थाना क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी और जब्त एंबुलेंस के चालक के खिलाफ भगवान बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों मरीज को निजी क्लीनिक में भेजने के लिए दलाली में लिप्त थे और जबरन सरकारी इलाज से वंचित कर रहे थे।
इस मामले के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने दलालों पर निगरानी और कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज व चश्मदीदों के आधार पर अन्य दलालों की पहचान भी की जा रही है। मरीजों को ठगने और गुमराह करने वाले ऐसे नेटवर्क के खिलाफ यह एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
छपरा से पवन कुमार सिंह की रिपोर्ट


