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Buxar Barauni ROB: बक्सर-बरौनी ROB धंसाव मामले में बड़ा एक्शन, तीन इंजीनियर सस्पेंड, जांच तेज

Buxar Barauni ROB: बक्सर-बरौनी रेलखंड पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज में धंसाव की घटना के बाद बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि पुल की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर जांच..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 06, 2026, 6:25:50 PM

Buxar Barauni ROB: बक्सर-बरौनी ROB धंसाव मामले में बड़ा एक्शन, तीन इंजीनियर सस्पेंड, जांच तेज

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Buxar Barauni ROB: बक्सर-बरौनी रेलखंड पर स्थित एलसी-70ए रेलवे ओवरब्रिज में धंसाव की घटना के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मामले में लापरवाही सामने आने पर तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है. इस घटना के बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.


पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि संबंधित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ था. पुल की फाइनल कमीशनिंग प्रक्रिया भी जारी थी. इसी दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर धंस गया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से पुल की मुख्य संरचना पर कोई असर नहीं पड़ा है और ओवरब्रिज सुरक्षित है.


मंत्री ने बताया कि निर्माण के दौरान एक्सपेंशन जॉइंट के पास कंक्रीट का एक छोटा हिस्सा अपनी जगह से अलग हो गया था. इसी वजह से उस हिस्से में सड़क नीचे धंस गई. घटना की सूचना मिलते ही विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम को मौके पर भेजा गया. जांच के दौरान पाया गया कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है.


उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी मानकों के अनुसार मरम्मत के बाद कंक्रीट को मजबूत होने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना जरूरी था. लेकिन तय समय पूरा होने से पहले ही रेलवे प्रशासन ने नीचे स्थित रेलवे फाटक को बंद कर निर्माणाधीन ओवरब्रिज से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया. समय से पहले वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण क्षतिग्रस्त हिस्सा और अधिक धंस गया.


घटना के बाद सुरक्षा को देखते हुए ओवरब्रिज पर वाहनों की आवाजाही तत्काल रोक दी गई है. आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पुराने रेलवे फाटक को दोबारा खोल दिया गया है. फिलहाल यातायात उसी रास्ते से संचालित किया जा रहा है.


मामले की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. मंत्री के अनुसार प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.


मंत्री ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई होगी.


फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और तकनीकी जांच का काम युद्धस्तर पर जारी है. विभाग का कहना है कि जब तक सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी सभी रिपोर्ट पूरी तरह संतोषजनक नहीं मिल जातीं, तब तक ओवरब्रिज पर दोबारा वाहनों का परिचालन शुरू नहीं किया जाएगा.