Bihar News: बिहार के बक्सर में धनसोईं बाजार स्थित बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा ने अपने ऋण बकाएदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिन खाताधारकों ने समय पर ऋण नहीं चुकाया है, उनके खिलाफ बैंक अब पुलिस सहयोग से चेतावनी नोटिस जारी कर रहा है और इसके बाद पीडीआर (Public Demand Recovery) एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ शाखा प्रबंधक आसिफ जफर ने बताया कि बैंक द्वारा अब तक 300 से अधिक खाताधारकों के खिलाफ नीलाम वाद/परिवाद दायर किए गए हैं, जबकि 100 से अधिक खातों पर गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। इसके अलावा, 500 से ज्यादा ऋण धारकों को चेतावनी नोटिस भी भेजे जा चुके हैं।
बैंक का कुल 10 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण बकाया है, जिसे वसूलने के लिए यह व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खाताधारकों में हड़कंप मच गया है, और कई बकाएदार अब अपने ऋण की अदायगी के लिए बैंक शाखा का रुख कर रहे हैं।
सख्त कार्रवाई के साथ-साथ बैंक ग्राहकों को राहत भी दे रहा है। केसीसी उत्थान योजना के तहत बैंक पुराने ऋण खातों को बंद कर नए खाते खोलने पर 30% की छूट दे रहा है। यह योजना मुख्यतः किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों के लिए है, जो पुराने ऋणों को पुनर्गठित करना चाहते हैं।
इसके अलावा, 70 वर्ष से कम आयु के असमर्थ ऋणधारकों को, यदि वे सही तरीके से खाता संचालन करते हैं, तो अगले पांच वर्षों तक ऋण चुकाने की अतिरिक्त समयावधि भी ऑफर की जा रही है। यह राहत उन लोगों के लिए है, जो परिस्थितियों के चलते समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन भुगतान की मंशा रखते हैं।
बैंक ने आम जनता और खाताधारकों से अपील की है कि वे बैंक द्वारा दी जा रही सुविधाओं और छूट का लाभ उठाते हुए, कानूनी कार्रवाई से पहले स्वयं ऋण की अदायगी सुनिश्चित करें। बैंक प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ वसूली नहीं, बल्कि ऋणदाताओं को जिम्मेदार बैंकिंग की ओर प्रेरित करना भी है।

