PATNA: कहानी करीब एक साल पुरानी है. 2024 के लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के लिए तीन सीटें छोड़ी थी. झंझारपुर, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज. मुकेश सहनी ने सबसे पहले झंझारपुर सीट के लिए अपना उम्मीदवार चुन लिया. आरजेडी के पूर्व विधायक गुलाब यादव को वीआईपी पार्टी का सिंबल दे दिया गया. दो दिन बाद गुलाब यादव को वापस पटना बुलाया गया और उनसे सिंबल वापस ले लिया गया. इस वाकये के करीब एक साल बाद आज यानि 26 जून 2025 को मुकेश सहनी ने गुलाब यादव की बेटी बिंदू गुलाब यादव को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया.
राजधानी पटना में बड़े धूमधाम के साथ बिंदू गुलाब यादव को वीआईपी पार्टी की सदस्यता दिलायी गयी. मुकेश सहनी ने दावा किया कि उनके पार्टी में शामिल होने से मधुबनी समेत पूरे मिथिला क्षेत्र में वीआईपी पार्टी का जनाधार काफी बढ़ेगा. बता दें कि बिंदू गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद की अध्यक्ष भी हैं. उनकी मां अंबिका गुलाब यादव विधान पार्षद हैं. वहीं, पिता पूर्व विधायक गुलाब यादव बहुचर्चित संजीव हंस मामले में ईडी के गिरफ्त में आने के बाद जेल में बंद हैं.
क्या कर रहे हैं मुकेश सहनी ?
अब सवाल ये उठता है कि लोकसभा चुनाव में जिस नेता को पार्टी का सिंबल देकर वापस ले लिया गया था, उसकी बेटी को वीआईपी पार्टी में किन शर्तों पर शामिल कराया गया. क्या बेटी को अपने पिता के साथ हुए सलूक की याद नहीं आयी या फिर मुकेश सहनी ये भूल गये कि किन परिस्थितियों में उन्होंने गुलाब यादव को लोकसभा का टिकट देकर वापस ले लिया था.
वैसे, जानकार सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में गुलाब यादव को कुछ नियम शर्तों के साथ वीआईपी पार्टी का टिकट दिया गया था. गुलाब यादव ने शर्तों को पूरा भी किया था. लेकिन उनसे टिकट वापस ले लिया गया था. तब वीआईपी की ओर से शर्तों को रिवर्स यानि वापसी भी कर दिया गया था.
आरजेडी की परंपरागत सीटों पर मुकेश सहनी का खेल
अंदरखाने की मानें तो पूर्व विधायक गुलाब यादव की बेटी और मधुबनी जिला परिषद की अध्यक्ष बिंदू गुलाब यादव को बड़ा आश्वासन देकर वीआईपी पार्टी में शामिल कराया गया है. बिंदू गुलाब यादव को झंझारपुर विधानसभा सीट से वीआईपी का टिकट देने का ठोस भरोसा दिलाया गया है.
दरअसल, बिंदू गुलाब यादव आरजेडी में शामिल होना चाह रही थीं. लेकिन गुलाब यादव की हिस्ट्री को देखते हुए तेजस्वी यादव ने उनका नोटिस नहीं लिया. इसी बीच वीआईपी पार्टी के दूत बिंदू गुलाब यादव के पास पहुंचे. बिंदू को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें झंझारपुर सीट से महागठबंधन का उम्मीदवार बनाया जायेगा. खुद मुकेश सहनी ने बिंदू गुलाब यादव को ये भरोसा दिलाया.
झंझारपुर आरजेडी की परंपरागत सीट
मधुबनी जिले की झंझारपुर विधानसभा सीट आरजेडी की परंपरागत सीट रही है. 1977 में जनता पार्टी के जगदीश नारायण चौधरी यहां से चुनाव जीते थे. 2015 में आरजेडी के गुलाब यादव झंझारपुर से विधायक चुने गये थे. हालांकि 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में आऱजेडी ने ये सीट सीपीआई के लिए छोड़ दी थी. लेकिन इस दफे आरजेडी बदले सामाजिक समीकरण के हिसाब से वहां से उम्मीदवार खडा करने की तैयारी में लगी है.
तेजस्वी को नाराज करने को तैयार हैं सहनी
लेकिन इसी बीच मुकेश सहनी ने झंझारपुर से टिकट देने का भरोसा देकर बिंदू गुलाब यादव को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है. चर्चा ये भी रही है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में तेजस्वी यादव की नाराजगी के कारण मुकेश सहनी को गुलाब यादव को टिकट देने के बाद सिंबल वापस लेना पड़ा था. बिंदू गुलाब यादव को भी तेजस्वी ने आरजेडी में शामिल कराने से इंकार कर दिया था. लेकिन मुकेश सहनी ने उन्हें अपनी पार्टी का झंडा थमा दिया है. सवाल ये उठ रहा है कि क्या मुकेश सहनी महागठबंधन के बॉस तेजस्वी यादव की नाराजगी मोल लेने को तैयार हैं?





