Bihar sand mining raid : बिहार के पटना जिले के बिहटा प्रखंड स्थित परेव सोन नदी घाट पर अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची खनन विभाग की टीम पर हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस हमले में एक गृह रक्षक घायल हो गया, जबकि जब्त किए गए कुछ ट्रैक्टरों को भी कथित तौर पर खनन माफिया दोबारा छुड़ाकर ले गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, खनन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि परेव सोन नदी घाट पर बिना वैध कागजात के बड़े पैमाने पर बालू खनन और उसका अवैध परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने छापेमारी की योजना बनाई। टीम जब घाट पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में ट्रैक्टर बालू लोड करते पाए गए। होम गार्ड जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब वे घाट के नीचे पहुंचे, उस समय करीब 20 ट्रैक्टर मौके पर मौजूद थे।
छापेमारी की भनक लगते ही कुछ ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। हालांकि टीम ने तत्परता दिखाते हुए करीब 17 ट्रैक्टरों को मौके पर ही जब्त कर लिया। कार्रवाई जारी ही थी कि अचानक स्थिति बदल गई। कुछ ही देर में करीब 200 की संख्या में लोग वहां जुट गए और टीम का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और खनन विभाग की टीम पर पथराव शुरू कर दिया गया।
अचानक हुई पत्थरबाजी में होम गार्ड जितेंद्र कुमार के सिर में हल्की चोट आई। उन्होंने बताया कि हालात बेकाबू होते देख टीम को अपनी सुरक्षा के मद्देनजर पीछे हटना पड़ा। इस अफरातफरी के दौरान कथित खनन माफिया ने जब्त किए गए ट्रैक्टरों में से कुछ को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया और वहां से फरार हो गए। घटना से स्पष्ट है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के हौसले बुलंद हैं और वे प्रशासनिक कार्रवाई का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
वहीं, खनन इंस्पेक्टर गोविंद कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक ट्रैक्टर को औपचारिक रूप से जब्त किया गया, जबकि आठ ट्रैक्टर मौके से भागने में सफल रहे। फरार वाहनों के नंबर नोट कर लिए गए हैं और इसकी लिखित सूचना पुलिस को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि अज्ञात 70 से 80 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है।
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध बालू खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि किसी भी स्थिति में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
बिहटा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में अवैध बालू खनन की समस्या और उससे जुड़े आपराधिक तत्वों के दुस्साहस को उजागर कर दिया है।






