BIHAR NEWS : पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने विदेशों में फंसे भारतीयों, खासकर बिहार के प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सरकार का उद्देश्य संकट की इस घड़ी में श्रमिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और उनके परिवारों को भरोसा देना है कि वे सुरक्षित हैं।
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यदि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो प्रवासी श्रमिक इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
इस बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक सक्रिय रहेगा। प्रवासी भारतीय 1800118797 (टोल फ्री) नंबर के अलावा +91-11-23012113, +91-11-23014104 और +91-11-23017905 पर संपर्क कर सकते हैं। इन नंबरों के माध्यम से लोग अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि बहरीन, ईरान, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, फिलिस्तीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए वहां स्थित भारतीय दूतावासों ने भी अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। संबंधित देश में मौजूद भारतीय दूतावास से संपर्क कर भी सहायता ली जा सकती है।
बिहार सरकार ने राज्य के सभी प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि किसी भी तरह की परेशानी, संकट या आपात स्थिति में बिना देर किए इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। सरकार का मानना है कि समय पर सही सूचना और संपर्क से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में बिहार के श्रमिक काम करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यही कारण है कि सरकार लगातार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में है।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही विदेशों में रह रहे श्रमिकों के परिवारों को भी हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम संकट के समय प्रवासी श्रमिकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। इससे न केवल विदेशों में रह रहे लोगों को सुरक्षा का एहसास होगा, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक सुकून मिलेगा कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।






