Bihar Crime News: बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी ड्यूटी पर गई बिजली विभाग की टीम पर ही हमला कर दिया गया। शिकारपुर थाना क्षेत्र के राजपुर तुमकड़िया गांव में छापेमारी के दौरान कनीय अभियंता (JE) और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, राजपुर तुमकड़िया गांव के वार्ड संख्या 2 में लंबे समय से अवैध तरीके से बिजली उपयोग किए जाने की शिकायत मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर बिजली विभाग ने कार्रवाई करने का निर्णय लिया। कनीय अभियंता राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें पर्यवेक्षक राकेश कुमार, मीटर रीडर दीपक कुमार उपाध्याय, लाइनमैन छोटू राम और अन्य कर्मचारी शामिल थे।
गठित टीम जब गांव में पहुंची, तो उन्होंने जांच शुरू की और बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइन काटने और मीटर जांचने का काम शुरू किया। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोग अचानक लाठी-डंडे के साथ मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते उन्होंने टीम को चारों तरफ से घेर लिया।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की और फिर अचानक हमला कर दिया। कनीय अभियंता समेत सभी कर्मचारियों को लाठी-डंडों से पीटा गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम के सदस्यों को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इस दौरान सरकारी काम पूरी तरह बाधित हो गया।
घटना के बाद कनीय अभियंता राहुल कुमार सिंह ने शिकारपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। दर्ज एफआईआर में गांव के परमात्मा मणी तिवारी, नवनीत कुमार गोंड और विकास कुमार गोंड को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 25 अज्ञात लोगों को भी इस मामले में आरोपित किया गया है।
एफआईआर में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि आरोपितों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट कर उन्हें घायल किया। यह भी उल्लेख किया गया है कि टीम बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई कर रही थी, जिसे जानबूझकर बाधित किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि ऐसे हालात में काम करना मुश्किल होता जा रहा है, जब कार्रवाई के दौरान ही उन पर हमला कर दिया जाता है।






